भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला मामले में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई समेत कई कारोबारियों के ठिकानों पर ED की दबिश, 15 घंटे तक खंगाले दस्तावेज

ED Raid in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, धमतरी और आसपास के इलाकों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सोमवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई, जो करीब 15 घंटे तक चली और देर शाम खत्म हुई। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, नकदी और कीमती सामान बरामद किए गए हैं। ED की टीम ने राजधानी रायपुर के अभनपुर क्षेत्र में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के ठिकानों पर दबिश दी। वहीं धमतरी जिले के कुरूद में रौशन चंद्राकर, पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के घर भी कार्रवाई की गई।
यह भी पढ़ें:- पहाड़ी कोरवा बेटी शाम कुमारी के सपनों को मिले पंख, पढ़ाई के साथ मिला रोजगार
अभनपुर में गोपाल गांधी के यहां कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य जगहों पर जांच देर रात तक जारी रही। छापेमारी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, खासकर अभनपुर में परिवारजनों के साथ विवाद की स्थिति बनने के कारण सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक अभनपुर में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 90 लाख रुपये की चांदी बरामद हुई। नकद राशि और सोना मिला। जमीन से जुड़े अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। इन सभी साक्ष्यों की अब ED की ओर से विस्तार से जांच की जाएगी। (ED Raid in Chhattisgarh)
क्या है पूरा मामला
ED की जांच में सामने आया है कि रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। आरोप है कि जमीन दलालों, निजी व्यक्तियों और कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर मुआवजे की राशि बढ़ाई गई।इस साजिश के जरिए सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। यह जांच ACB/EOW में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।
करोड़ों की संपत्ति पहले ही अटैच
ED इससे पहले भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनुजा, खेमराज कोशले, पुनूराम देशलहरे और कुंदन बघेल की 23.35 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।जांच में अब तक करीब 27.05 करोड़ रुपए की हेराफेरी सामने आई है, जिसमें से 23.35 करोड़ रुपए की अवैध कमाई का पता लगाया गया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई है। (ED Raid in Chhattisgarh)
बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर बयानबाजी भी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ED देर से आई, लेकिन दुरुस्त आई है। उन्होंने कहा कि यह बड़ा घोटाला है और इसमें बीजेपी से जुड़े लोग शामिल हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े मोहरों पर कार्रवाई कब होगी ? फिलहाल ED की छापेमारी खत्म हो चुकी है, लेकिन जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और कार्रवाई हो सकती है। (ED Raid in Chhattisgarh)



