बैंक में गिरवी रखी गई जमीन बेचकर 11.51 करोड़ की ठगी, 54 एकड़ जमीन का फर्जी सौदा

Fraud Selling Mortgaged Land: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बड़े जमीन घोटाले का मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी से जमीन बेचने के नाम पर 11 करोड़ 51 लाख रुपए की ठगी की गई। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर सरस्वती नगर पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर शेयर होल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य 9 आरोपियों की तलाश जारी है।
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पीड़ित कारोबारी का नाम विकास कुमार गोयल है, जो संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में रहते हैं। विकास गोयल ने बलौदाबाजार जिले में जमीन खरीदने के लिए हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था। पीड़ित के मुताबिक 15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित कुमार घृतलहरे ने बलौदाबाजार जिले के सिमगा तहसील स्थित नेवधा गांव में करीब 22.347 हेक्टेयर (लगभग 54 एकड़) जमीन बेचने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टरों और अन्य आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जमीन पूरी तरह वैध है और उस पर किसी तरह का कोई विवाद या बकाया नहीं है।

एडवांस में ले लिए 11.51 करोड़ रुपए
भरोसे में आकर कारोबारी विकास गोयल ने सेल एग्रीमेंट किया। इसके बाद संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से अलग-अलग तारीखों में चेक और RTGS के माध्यम से हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में कुल 11 करोड़ 51 लाख रुपए एडवांस पेमेंट के तौर पर ट्रांसफर कर दिए गए। जब विकास गोयल ने जमीन की कानूनी जांच कराई तो बड़ा खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि जिस जमीन को बेचा जा रहा था, वह पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पास गिरवी रखी गई थी। यह जमीन ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से बैंक में गिरवी रखी गई थी, जो हाई-टेक एब्रेसिव्स की एक सिस्टर कंसर्न कंपनी है। (Fraud Selling Mortgaged Land)
NOC भी नहीं दी, पैसे भी नहीं लौटाए
इतना ही नहीं साल 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) मुंबई ने इस जमीन को लेकर आदेश जारी कर दिया था, जिसमें बैंक को इस संपत्ति से अपना बकाया वसूलने का अधिकार दिया गया था। इसके बावजूद जमीन को बिना जानकारी दिए बेचने का प्रयास किया गया। पीड़ित कारोबारी का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मांगा तो आरोपियों ने न तो NOC उपलब्ध कराई और न ही एडवांस में दिए गए पैसे लौटाए। 9 जनवरी 2026 को हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड को औपचारिक पत्र भेजकर रकम वापस करने की मांग भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। (Fraud Selling Mortgaged Land)
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
सरस्वती नगर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी से जुड़े नारायण प्रसाद टेकरीवाल, पंकज टेकरीवाल और प्रीतम टेकरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं लक्ष्मीचंद गुरवानी, विनोद बाजोरिया, राघवेन्द्र चंद सिन्हा, सेजल राठौर, शकुन्तला देवी टेकरीवाल, रोहित कुमार घृतलहरे, निशा अग्रवाल, नीना जैन और नीता मस्कारा समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। सरस्वती नगर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (Fraud Selling Mortgaged Land)




