पूर्व CM भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव होटल से गिरफ्तार, दस महीने से था फरार
भोपाल के होटल से पकड़ा गया, 15 करोड़ की ठगी का आरोपी, 300 करोड़ के लेन-देन की जांच

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ की राजनीति और नौकरशाही से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में फरार चल रहा के.के. श्रीवास्तव को EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) और रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने भोपाल के एक होटल से गिरफ्तार किया है। श्रीवास्तव को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बेहद करीबी माना जाता है। वह पिछले दस महीनों से फरार था और अपने परिवार के साथ भोपाल में छिपा था।
15 करोड़ की ठगी का आरोप, चेक भी हुए बाउंस
श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 500 करोड़ के ठेके दिलाने के नाम पर दिल्ली की कंस्ट्रक्शन कंपनी रावत एसोसिएट्स के मालिक अशोक रावत से 15 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
शिकायत के अनुसार, श्रीवास्तव ने ठेका दिलाने का वादा कर पैसा लिया और 17 सितंबर 2023 तक पैसे लौटाने की बात कही। जब तय समय तक पैसा वापस नहीं मिला तो श्रीवास्तव ने आंशिक रकम ₹3.40 करोड़ अलग-अलग खातों में वापस की, साथ ही तीन-तीन करोड़ के तीन चेक दिए, जो बाद में बाउंस हो गए।
300 करोड़ के लेन-देन की जांच
जांच में पता चला है कि श्रीवास्तव के बैंक खातों में ₹300 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन हुआ है, जिसमें से अधिकांश रकम फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये बैंक खाते ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के नाम पर खोले गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस वित्तीय लेन-देन की जांच आयकर विभाग को सौंप दी है। (Chhattisgarh News)
गिरफ्तार के बाद खुलेंगे कई राज
केके श्रीवास्तव को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता था। एफआईआर के अनुसार, केके ने रावत की मुलाकात प्रदेश के एक बड़े नेता से करवाई थी, जिन्होंने केके की विश्वसनीयता की पुष्टि की थी। हालांकि, ठेका नहीं मिलने और पैसे वापस न होने पर रावत ने कानूनी कार्रवाई की। पुलिस और ईडी की जांच में केके श्रीवास्तव के खिलाफ कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। (Chhattisgarh News)



