महिला पार्षद भी नहीं सुरक्षित ! छेड़खानी-मरपीट के बाद भाजपा का रायगढ़ के कोतवाली थाने के सामने धरना

Molestation of Female Councilor: रायगढ़ में देर रात वार्ड क्रमांक-31 की भाजपा महिला पार्षद त्रिनिशा चौहान के साथ छेड़खानी और उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटना सामने आई, जिसके बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया। घटना के विरोध में महापौर, सभापति और भाजपा पार्षदों ने सिटी कोतवाली थाना के सामने धरना प्रदर्शन किया, जो करीब दो घंटे तक चला। इस दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। जानकारी के मुताबिक पार्षद देर रात एक शादी समारोह से अपने परिवार के साथ लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में साइड देने को लेकर कुछ युवकों से विवाद हो गया।
यह भी पढ़ें:- अनुकंपा नियुक्ति विवाद पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, सास के भरण-पोषण को बताया अनिवार्य जिम्मेदारी
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि युवकों ने पार्षद के साथ छेड़खानी की और उनके परिजनों के साथ रॉड से मारपीट की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के दौरान जातिगत गाली-गलौज भी की गई। इसके बाद पार्षद ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। घटना से आक्रोशित होकर महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू और भाजपा पार्षद बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि पुलिस मामले में पक्षपात कर रही है और मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब एक महिला जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की।

मामले में पुलिस अधीक्षक शशि महेंद्र सिंह ने बताया कि घटना में शामिल कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में धुमाल बैंड पार्टी से जुड़े कुछ लोगों के मारपीट की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष को धाराओं को लेकर आपत्ति है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे और गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। धरना प्रदर्शन के दौरान कोतवाली के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मौके पर पहुंचकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। (Molestation of Female Councilor)
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। बड़ी बात यह है कि सत्ताधारी दल से जुड़े जनप्रतिनिधि को ही न्याय की मांग के लिए धरना देना पड़ा, जिससे पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपियों की पहचान कर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब एक महिला जनप्रतिनिधि ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना लाजिमी है। अब देखना होगा कि सरकार और पुलिस इस मामले में कितनी सख्ती और तत्परता दिखाती है। (Molestation of Female Councilor)



