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Sikkim Landslide : सिक्किम में भूस्खलन का कहर: आर्मी कैंप पर टूटी चट्टान, 3 की मौत, 9 जवान लापता

Sikkim Landslide : पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सिक्किम में 1 जून 2025, रविवार शाम को हुए एक बड़े लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने तबाही मचा दी। यह हादसा राज्य के एक आर्मी कैंप में हुआ, जहां तीन लोगों की मौत हो गई और नौ जवान लापता हो गए हैं।लैंडस्लाइड इतना भीषण था कि सेना का कैंप मलबे की चपेट में आ गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं।

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मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई

इस हादसे में अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन उनकी पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मृतकों में सभी जवान हैं या कुछ स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं।लापता नौ जवानों की तलाश के लिए सेना और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। सेना के विशेष राहत दस्ते, खोजी कुत्ते और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

सिक्किम में फंसे 1500 पर्यटक

उत्तर सिक्किम में भारी बारिश और लैंडस्लाइड (Sikkim Landslide) की वजह से हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोचन और लाचुंग इलाकों में करीब 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं. मंगन जिले के एसपी सोनम देचू भूटिया ने बताया कि लाचेन में 115 और लाचुंग में 1,350 पर्यटक ठहरे हुए हैं. भूस्खलन की वजह से दोनों ओर से रास्ते बंद हैं.

अधिकारियों ने बताया कि लाचुंग के लिए सड़क संपर्क बहाल हो गया है और पर्यटकों की निकासी आज से शुरू हो जाएगी. बीआरओ की टीम ने भूस्खलन से जमा हुए मलबे को हटा दिया है, क्षतिग्रस्त हिस्सों को फिर से बनाया और फिडांग में ‘सस्पेंशन ब्रिज’ के पास आई दरारों को भरा, ताकि फंसे हुए पर्यटकों की लाचुंग-चुंगथंग-शिपज्ञेरे-शंकलांग-डिकचू रोड के माध्यम से निकासी का रास्ता तैयार किया जा सके।

30 मई को उत्तरी सिक्किम में फटे थे बादल

बीआरओ ने बताया कि लगातार भारी बारिश के बाद 30 मई को अचानक बादल फट जाने से उत्तरी सिक्किम में काफी नुकसान हुआ है. इस दौरान 130 मिमी से अधिक की वर्षा हुई और लाचेन, लाचुंग, गुरुदोंग्मर, द वैली ऑफ फ्लावर्स और जीरो प्वाइंट सहित प्रमुख पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर काफी क्षति हुई. आपदा की वजह से कई जगहों पर सड़कों में दरारें आ गईं, पुलों को नुकसान हुआ और बड़े पैमाने पर अहम रास्तों पर भूस्खलन हुआ जिसमें डिकु-सिनकलंग -शिपगियर रोड, चुंगथांग-लेशेन-ज़ेमा रोड और चुंगथांग-लाचुंग रोड शामिल हैं। (Sikkim Landslide)

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