Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज से, विपक्ष सरकार को घेरेगा इन बड़े मुद्दों पर, पढ़े पूरी खबर
Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज यानी 21 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 21 अगस्त तक चलेगा। देशभर में गूंज रहे तमाम सियासी सवाल अब संसद के भीतर उठेंगे। विपक्ष ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वह सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने के लिए तैयार है।
यह भी पढ़े :- खेल युवाओं में साहस, शक्ति और संकल्प का विकास करते हैं : मुख्यमंत्री साय
इस सत्र में विपक्ष जिन प्रमुख विषयों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी में है, उनमें शामिल हैं –
- पहलगाम आतंकी हमला
- ऑपरेशन सिंदूर और विदेश नीति
- सीजफायर पर डोनाल्ड ट्रंप के दावे
- बिहार में वोटर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया
- अहमदाबाद प्लेन हादसा
सरकार का दावा: विपक्ष के हर सवाल का मिलेगा जवाब
विपक्ष के सवालों के चलते मानसून सत्र (Monsoon Session) में हंगामे के आसार हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि वह विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन सुचारू रूप से चले, इसके लिए पक्ष और विपक्ष दोनों को आपसी सहयोग और तालमेल के साथ काम करना होगा।
कांग्रेस ने खोला सवालों और मांगों का पुलिंदा
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को बुलाई गई ऑल पार्टी मीटिंग में तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने साफ कहा कि पार्टी इस सत्र में विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले जैसे गंभीर मुद्दों को उठाएगी और सरकार से जवाबदेही मांगेगी।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और AAP भी हमलावर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की हत्या हुई थी। अब तक हमलावरों का पता नहीं चल पाया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद अल्ताफ अहमद लारवी ने कहा कि यह हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
वहीं, आम आदमी पार्टी भी सवालों की लंबी सूची लेकर सत्र में उतर रही है। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार में SIR के नाम पर बड़ा घोटाला चल रहा है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिहार में वोटर वेरिफिकेशन पर जेडीयू का बचाव
इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने वोटर वेरिफिकेशन की मुहिम चलाई है। आयोग का दावा है कि अब तक 95% वोटर्स के फॉर्म जमा हो चुके हैं। विपक्ष जहां इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इसे बेवजह का मुद्दा बताया और कहा कि आयोग अपना काम ठीक से कर रहा है।
सवालों की लंबी फेहरिस्त, जवाबों की प्रतीक्षा
इस बार मानसून सत्र (Monsoon Session)में विपक्ष के सवालों की फेहरिस्त काफी लंबी है। सरकार भी कमर कस चुकी है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार जनता को जवाब मिलेंगे या फिर यह सत्र भी शोरगुल और सियासी तूफानों की भेंट चढ़ जाएगा।



