PM मोदी की अपील पर INDIA गठबंधन का हमला, बोले- चुनाव में करोड़ों फूंके, अब जनता से बचत की अपील क्यों ?
Opposition on PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री के कल हैदराबाद से देशवासियों से की गई अप्रत्याशित अपील के कई अर्थ हो सकते हैं, जैसे आर्थिक स्थिति आधिकारिक आंकड़ों और प्रधानमंत्री, उनके साथियों द्वारा अब तक किए जा रहे दावों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि समेत सख्ती से खर्च कम करने के उपायों का दौर आने वाला हो सकता है और उन्हें अधिक स्वीकार्य बनाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है। यह बात लंबे समय से स्पष्ट है कि जमीन पर आर्थिक हालात-जो वास्तविक मजदूरी में ठहराव, परिवारों पर बढ़ते कर्ज और रोजगार पैदा करने वाले निजी निवेश में गति की कमी जैसी स्थितियों में दिखाई देते हैं-मोदी सरकार के प्रचार से बिल्कुल अलग हैं।
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रमेश ने कहा कि हिसाब-किताब का समय अब आ गया है। कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा कि ये निर्देश मध्य-पूर्व की स्थिति से परे, एक संभावित आर्थिक संकट को लेकर चिंताएं पैदा करते हैं। संसद का एक सदन बुलाया जाना चाहिए और बताना चाहिए कि देश किस तरह की गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं। मध्य पूर्व के संकट के दौरान किसी भी अन्य देश ने इस तरह की एडवाइजरी जारी नहीं की। सरकार को दिशानिर्देश देने चाहिए, लेकिन वे तर्कसंगत होने चाहिए। कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री कहते थे कि हम पर मध्य पूर्व संघर्ष का कोई असर नहीं होने वाला है, अब प्रधानमंत्री खुद ही अपनी बात का खंडन कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि देश की स्थिति ठीक नहीं है। नीतियों में बदलाव करना चाहिए।
जनता के हित के लिए काम करें और फालतू बातें न करें: अल्लावरु
बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि प्रधानमंत्री का काम है देश की जनता का ध्यान रखना। आज अगर महंगाई बढ़ रही है। पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ रहा है तो सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता को जवाब दें। ये कोई मतलब नहीं है कि खर्च कम करें। मेरी भाजपा से जनता की तरफ से प्रार्थना है कि अपना काम करें, जनता के हित के लिए काम करें और फालतू बातें न करें। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी ने अपील की कि सोना मत खरीदो, तेल मत खाओ, वर्क फॉर्म होम करो, पेट्रोल डीजल की खपत कम करो, ये नाकामी का संदेश है। मोदी सरकार ने देश में महंगाई को चरम पर ला दिया। दो महीने के अंदर सिलेंडर के दाम में वृद्धि हुई। (Opposition on PM Modi)
हर जरूरत की चीजें आसमान छू रही: PCC चीफ
बैज ने कहा कि हर जरूरत की चीजें आसमान छू रही है। राहुल गांधी कहते आए महंगाई चरम पर है आप उपदेश दे रहे हैं। पीएम मोदी ने खुद स्वीकार किया है महंगाई चरम पर है। RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि इनके लोग कहते थे पैनिक मत करिए। जब आप कदम उठाने थे तब आप चुनाव में व्यस्त में थे अब जब आप चुनाव से निकल गए। हजारों करोड़ चुनाव में फूंक दिए गए। देश ने कोविड में भी किया, लेकिन आपकी जो जिम्मेदारी थी आप उससे फिर चूक गए। ये हकीकत माननी होगी प्रधानमंत्री जी। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्यारे देशवासियों चुनाव तक मोदी जी ने आपका बोझ उठाया, चुनाव खत्म आपका इस्तेमाल खत्म। अब देशभक्ति के नाम पर लाइन में लग जाओ। गैस महंगी हो गई अब पेट्रोल डीजल भी महंगा होगा। (Opposition on PM Modi)
महंगाई बर्दाश्त नहीं की तो मीडिया आपको पाकिस्तानी घोषित कर देगा: संजय
AAP सांसद ने आगे कहा कि आप देश भक्ति के नाम पर पेट्रोल डीजल गैस का इस्तेमाल न करो, सोना न खरीदो, खाने के तेल का भी इस्तेमाल न करो, लेकिन मोदी जी अपनी रैलियों में लाखों लोगों को भर-भर के लाएंगे। विदेश यात्राएं करेंगे। खूब तेल फूकेंगे, उनके लोग सोना तो क्या पूरे देश की सम्पतियां खरीद लेंगे, लेकिन आप फटीचर बने रहिए और हां अगर आपने मोदी जी की महंगाई बर्दाश्त नहीं की तो अंधभक्त और गोदी मीडिया आपको पाकिस्तानी घोषित कर देगा। तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने कहा कि यह विडंबनापूर्ण है, क्योंकि मोदी जल्द ही यूरोप की 6 दिवसीय विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस अपील के कुछ ही घंटों बाद मोदी ने विदेशी कारों के काफिले के साथ रोड शो निकाला, सिर्फ लोगों को हाथ हिलाने के लिए। (Opposition on PM Modi)
मोदी ने चुनाव खत्म होने का इंतजार क्यों किया: साकेत गोखले
TMC सांसद ने कहा कि तड़ीपार जैसे मोदी सरकार के मंत्री नियमित रूप से कमर्शियल विमानों के बजाय वायुसेना के विमानों से यात्रा करते हैं। एक भी मंत्री या वरिष्ठ आईएएस/आईपीएस अधिकारी काम पर जाने के लिए मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सवाल यह है कि इस अचानक अपील की प्रेरणा क्या थी? क्या भारत विदेशी मुद्रा या भुगतान संतुलन संकट का सामना कर रहा है? क्या अर्थव्यवस्था गंभीर खतरे में है, जिससे खाद्य तेल और उर्वरक की कमी हो रही है? अगर हां तो बेशर्म मोदी ने राज्य चुनावों के समाप्त होने का इंतजार क्यों किया, ताकि वे इन उपायों की घोषणा कर सकें, जो एक आसन्न आर्थिक आपातकाल की तरह लगते हैं ?



