Google Analytics —— Meta Pixel

मिडिल ईस्ट तनाव पर राज्यसभा में बोले PM मोदी, कहा- जंग जारी रही तो होंगे गंभीर नतीजे

PM Modi in Rajyasabha: पश्चिम एशिया के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में युद्ध शुरू हुए 3 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं। युद्ध की वजह से दुनिया में गंभीर एनर्जी संकट पैदा हो गया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंता की बात है। युद्ध की वजह से हमारे ट्रेड रूट पर असर पड़ा है। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की रेगुलर सप्लाई पर असर पड़ा है। लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। उनकी जान और रोजी-रोटी की सुरक्षा भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता की बात है। होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं। बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर उन जहाजों पर फंसे हुए हैं। यह भी भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है।

यह भी पढ़ें:- रामकृष्ण केयर अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, तीन मजदूरों की मौत मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल हालात में यह जरूरी है कि भारत का अपर हाउस शांति और बातचीत के लिए एक साथ आवाज उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा किमैंने ज्यादातर वेस्ट एशियाई देशों के हेड्स ऑफ स्टेट्स से 2 बार बात की है। हम सभी गल्फ देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। हम ईरान, इजराइल और US के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। हमारा मकसद बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए इस इलाके में शांति फिर से लाना है। हमने उनसे डी-एस्केलेशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के बारे में भी बात की है। कमर्शियल जहाजों पर हमले और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे इंटरनेशनल समुद्री रास्ते में रुकावट मंजूर नहीं है। भारत ने आम लोगों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। (PM Modi in Rajyasabha)

भारतीय जहाजों के सुरक्षित आने-जाने के लिए लगातार कोशिश: PM

PM मोदी ने कहा कि भारत युद्ध के इस समय में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आने-जाने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। इस संकट के हल के लिए भारत ने बातचीत का सुझाव दिया है। इस युद्ध में किसी की भी जान को खतरा इंसानियत के हित में नहीं है। इसलिए भारत की कोशिश सभी पार्टियों को शांतिपूर्ण हल के लिए बढ़ावा देने की रही है। संकट की इस स्थिति में दुनियाभर में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। अब तक 3,75,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए हैं। अकेले ईरान से 1000 से ज्यादा भारतीय लौटे हैं। इनमें से 700 से ज्यादा मेडिकल स्टूडेंट हैं। संकट की इस घड़ी में, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सभी देशों ने वहां भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हालांकि यह दुख की बात है कि हमलों में कुछ भारतीयों की मौत हो गई और कुछ दूसरे घायल हो गए। प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद दी जा रही है। घायलों का अच्छा इलाज पक्का किया जा रहा है। (PM Modi in Rajyasabha)

होर्मुज स्टेट में जहाजों का आना-जाना बहुत मुश्किल: PM मोदी

राज्यसभा में PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्टेट में जहाजों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया है। मुश्किल हालात के बावजूद हमारी सरकार ने बातचीत और कुटनीति के ज़रिए रास्ते बनाने की कोशिश की है। कोशिश यह है कि जहां भी मुमकिन हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई भारत पहुंचे। पिछले कुछ दिनों में, कई देशों से कच्चा तेल और LPG ले जाने वाले जहाज भारत पहुंचे हैं। इस दिशा में हमारी कोशिशें आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगी। PM ने कहा कि भारत की कोशिश रही है कि तेल, गैस, फर्टिलाइजर या कोई और जरूरी चीज ले जाने वाले जहाज भारत सुरक्षित पहुंचे, लेकिन अगर युद्ध की वजह से दुनियाभर में बने हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो इसका गंभीर असर होना तय है। इसलिए भारत पिछले कुछ सालों में अपनी मजबूती बढ़ाने के लिए की गई अपनी कोशिशों को और गति दे रहा है। मैं इस सदन और देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भारत के पास कच्चे तेल का काफ़ी स्टोरेज है और लगातार सप्लाई का सिस्टम है।

विदेशी जहाजों से भारत का 90% से ज्यादा ट्रेड: PM

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार की कोशिश है कि हम फ्यूल के सिर्फ एक सोर्स पर बहुत ज्यादा डिपेंडेंट न रहें। LPG के अलावा, सरकार PNG पर भी जोर दे रही है। पिछले दस सालों में PNG कनेक्शन पर बहुत काम हुआ है। पिछले कुछ दिनों में इसमें और तेज़ी आई है। LPG का घरेलू प्रोडक्शन बड़े पैमाने पर बढ़ाने की भी कोशिश की जा रही है। भारत का 90% से ज्यादा ट्रेड विदेशी जहाजों से होता है। यह स्थिति ग्लोबल संकट के सामने भारत की स्थिति को और भी गंभीर बना देती है। इसलिए सरकार ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए लगभग 70,000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद, हमारी सरकार ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने के प्रयास किए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां से भी संभव हो, तेल और गैस की आपूर्ति भारत तक पहुंचे। (PM Modi in Rajyasabha)

नुकसान से उबरने में दुनिया को बहुत समय लगेगा: PM

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कई देशों से कच्चे तेल और एलपीजी ले जाने वाले जहाज भारत पहुंचे हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगे। मौजूदा संकट ने पूरी ग्लोबल इकॉनमी को हिलाकर रख दिया है। वेस्ट एशिया में हुए नुकसान से उबरने में दुनिया को बहुत समय लगेगा। भारत पर इसका कम से कम असर हो, इसके लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मज़बूत है। सरकार बार-बार बदलते हालात पर नज़र रख रही है। सरकार इसके शॉर्ट-टर्म, मीडियम-टर्म और लॉन्ग-टर्म असर के लिए स्ट्रेटजी के साथ काम कर रही है। भारत सरकार ने एक इंटरमिनिस्ट्रियल ग्रुप भी बनाया है जो नियमित बैठक करता है और हमारे इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में होने वाली सभी दिक्कतों का असेसमेंट करता है। यह ग्रुप जरूरी समाधान पर भी काम कर रहा है। कल 7 एम्पावर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। यह ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल, डीजल, गैस, महंगाई और दूसरी जरूरी चीजों के लिए एक तेज और दूरगामी स्ट्रेटजी के तहत काम करेगा। मुझे भरोसा है कि हम मिलकर कोशिश करके हालात का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगे।

Back to top button
error: Content is protected !!