आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे भारत-कनाडा: PM नरेंद्र मोदी

PM Modi on Canada: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मीटिंग की। इसके बाद दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिज सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, प्रौद्योगिकी-नवाचार साझेदारी, व्यापार विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई अहम समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। बैठक में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े तीन MoU दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। वहीं कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और संयुक्त पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान किया।
भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग पर भी सहमति बनी। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देते हुए सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो, कैमेको के अध्यक्ष टिम गिट्जेल और कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक की उपस्थिति में परमाणु ऊर्जा विभाग और कैमको के बीच यूरेनियम अयस्क सांद्रण आपूर्ति से जुड़ा समझौता भी हुआ। इन सभी समझौतों ने स्पष्ट कर दिया कि भारत-कनाडा साझेदारी अब केवल कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं, बल्कि ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग के व्यापक और दीर्घकालिक एजेंडे की ओर बढ़ चुकी है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। (PM Modi on Canada)

PM मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्नी का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। पिछले वर्ष कनाडा में आयोजित G-7 बैठक में उन्होंने गर्मजोशी से मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया था। उसी आत्मीयता से उनका स्वागत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। दुनिया में बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनके बायोडाटा में दो देशों के केंद्रीय बैंकिंग नेतृत्व का अनुभव शामिल है। हमारी पहली मुलाकात के बाद से हमारे संबंधों में नई ऊर्जा आई है, आपसी विश्वास और सकारात्मकता का विकास हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे सहयोग में हो रही इस प्रगति का श्रेय मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को देता हूं। भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास रखते हैं। हम विविधता का सम्मान करते हैं। मानवता का कल्याण हमारा साझा लक्ष्य है। यही लक्ष्य हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि हमने इस लक्ष्य को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 अरब डॉलर का व्यापार हासिल करना है। आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का दोहन करना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। इससे दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कनाडा के पेंशन फंडों ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है। यह भारत की विकास गाथा में उनके गहरे विश्वास का प्रतीक है। आज हम दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं से भी मिलेंगे। उनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें खुशी है कि कनाडा ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने का निर्णय लिया है। अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए, हम इस वर्ष भारत-कनाडा नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण शिखर सम्मेलन का आयोजन करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में, हमने यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है। हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और उन्नत रिएक्टरों पर भी मिलकर काम करेंगे। प्रौद्योगिकी और नवाचार में हम स्वाभाविक साझेदार हैं। कनाडा और भारत की नवाचार साझेदारी के साथ, हम विचारों को वैश्विक समाधानों में बदलेंगे। मैं पिछले महीने भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता में कनाडा के बहुमूल्य योगदान के लिए प्रधानमंत्री कार्नी को धन्यवाद देता हूं। हम एआई के साथ-साथ क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर में सहयोग बढ़ाएंगे। आज महत्वपूर्ण खनिजों पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा। अंतरिक्ष क्षेत्र में, हम दोनों देशों के स्टार्टअप और उद्योगों को जोड़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में, हम अगली पीढ़ी की साझेदारी का निर्माण कर रहे हैं, जो हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष जोर देगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में भारत-कनाडा पल्स प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और परिपक्व संबंधों का प्रतीक है। हम रक्षा उद्योगों, समुद्री क्षेत्र जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। इसी उद्देश्य से हमने आज भारत-कनाडा रक्षा संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया है। हमारे संबंधों की प्रेरक शक्ति जन-संबंध हैं। आज हमने इन्हें और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और नवाचार के क्षेत्र में कई विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारियों की घोषणा की जा रही है। हमने कनाडा के विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में परिसर खोलने पर भी सहमति जताई है। स्वदेशी और आदिवासी समुदाय हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आज दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। (PM Modi on Canada)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कनाडा भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। हिंद महासागर रिम एसोसिएशन में संवाद भागीदार बनने में उनकी रुचि का हम स्वागत करते हैं। इससे हमारे समुद्री सहयोग को नई गहराई मिलेगी। हम इस बात से सहमत हैं कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए समान और गंभीर चुनौतियां हैं। वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए इनके खिलाफ हमारा घनिष्ठ सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्व में जारी कई तनावों पर भारत का रुख स्पष्ट है। हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया है, और जब दो लोकतांत्रिक देश एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और भी मजबूत हो जाती है। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है। हम इस क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास रखते हैं। हमने कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को जल्द ही अंतिम रूप देने का निर्णय किया है। इससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में चल रहे अनेक तनावों पर भारत की सोच स्पष्ट ही है। हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया है और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़ी होती हैं तो शांति की आवाज और भी सशक्त हो जाती है। पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। भारत बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए सभी विवादों के समाधान का समर्थन करता है। हम इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम सभी देशों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। (PM Modi on Canada)



