2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, 12 और 13 मई को रायपुर में मंथन, कांग्रेस बोली- नाकामी छिपाने की कवायद
Preparation For 2028 Election: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में 12 और 13 मई को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पार्टी की अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी, कोर ग्रुप के सदस्य और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक 12 मई को शाम 6 बजे से भाजपा कोर ग्रुप की बैठक होगी। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं 13 मई को सुबह 11 बजे से प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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भाजपा प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय ने बताया कि पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तैयार कर रही है। कार्यसमिति बैठक में कई अहम राजनीतिक प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। इनमें राज्य और केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद प्रस्ताव शामिल रहेगा। इसके अलावा महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के रवैये की निंदा से जुड़ा प्रस्ताव भी पारित किए जाने की तैयारी है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष लगातार जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने पर फोकस करेगी। बैठक में संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। (Preparation For 2028 Election)
नाकामी छिपाने की कवायद: कांग्रेस
इधर, भाजपा की बैठक और प्रस्तावों को लेकर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह की राजनीतिक कवायद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई मुद्दों पर सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। वहीं कांग्रेस ने भी अब चुनावी मोर्चे पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने पिछली बार हारी हुई सीटों पर विशेष फोकस करना शुरू कर दिया है। जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को जनता के बीच जाकर सरकार की नाकामियां बताने का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही विधायकों को भी लगातार फील्ड विजिट कर संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधे संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अब आने वाले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं।


