RBI Repo Rate Cut: आरबीआई ने तीसरी बार घटाया रेपो रेट, घर, गाड़ी और पर्सनल लोन की EMI में मिलेगी भारी राहत, पढ़े पूरी खबर

RBI Repo Rate Cut: देशवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती (RBI Repo Rate Cut) कर दी है। लगातार तीसरी बार यह फैसला लिया गया है, जिससे होम लोन सहित अन्य लोन की EMI में कमी आएगी।
यह भी पढ़े :- नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: दिल्ली में अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग, डिप्टी सीएम शर्मा रवाना
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 6 जून 2025 को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए इस फैसले की घोषणा की। गवर्नर ने बताया कि वैश्विक आर्थिक स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है।
रेपो रेट में 0.50% की बड़ी कटौती
इस बार रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया गया है। एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की बैठक के तीसरे दिन इस फैसले पर मुहर लगी।
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निवेशकों के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर रही है। वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद यह कदम घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए उठाया गया है।
महंगाई का अनुमान भी घटा
संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर 3.7 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और मौसम संबंधी अनिश्चितताएं आगे भी चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।
क्या है रेपो रेट?
रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों के लिए RBI से कर्ज लेते हैं। जब रेपो रेट घटती है तो बैंक सस्ते दर पर कर्ज लेकर ग्राहकों को भी सस्ता कर्ज दे सकते हैं। इसका सीधा फायदा होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन की EMI में मिल सकता है।
लगातार तीसरी बार हुई कटौती
आपको बता दें कि इससे पहले फरवरी और अप्रैल 2025 की मौद्रिक नीति समीक्षाओं में भी RBI ने रेपो रेट में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती (RBI Repo Rate Cut) की थी।
एमपीसी में RBI के तीन सदस्य और सरकार द्वारा नियुक्त तीन बाहरी सदस्य शामिल होते हैं। इस फैसले के साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.5% पर बरकरार रखा गया है। वहीं खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान में भी राहत दी गई है।



