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नारी सशक्तिकरण और सुशासन की मिसाल है रानी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन: डिप्टी CM अरुण साव

Sao on Ahilyabai Holkar: छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के अवसर पर रायपुर नगर निगम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन नारी सशक्तीकरण और सुशासन की मिसाल है। अपने जीवन में तमाम आघातों और विपरीत परिस्थितियों के बीच उन्होंने कुशलता से राजकाज संचालित किया और कई कल्याणकारी कार्य किए। केवल इंदौर तक ही सीमित न रहकर उन्होंने पूरे देश में धर्मशालाएं, मंदिर और घाट बनवाए। प्रजा को अपनी संतान मानकर उनके लिए बेहद संवेदनशीलता से कार्य किए। बालिकाओं को पढ़ाई और विधवा महिलाओं को संतान गोद लेने के अधिकार दिए।

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डिप्टी CM अरुण साव ने कार्यक्रम में मौजूद स्कूली और कॉलेज छात्रों के साथ उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर बहुत बहादुर, धैर्यवान, क्षमतावान और हौसलेमंद महिला थी। इन गुणों की बदौलत उन्होंने अपने जीवन में आए संघर्षों और समस्याओं का डटकर सामना किया। प्रजापालक के रूप में अपने दायित्वों का पूरी क्षमता और कुशलता से निर्वहन किया। वे राजकाज के कार्यों के साथ ही युद्ध कौशल में भी प्रवीण थीं। उनका पूरा जीवन हम सबके लिए बहुत प्रेरणादायी है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर साधारण परिवार में पैदा होने वाली असाधारण महिला थी। (Sao on Ahilyabai Holkar)

राजमाता का दर्जा हासिल किया: चंदेल 

चंदेल ने कहा कि अपने कार्यों से उन्होंने वीरांगना, लोकमाता और राजमाता का दर्जा हासिल किया। अपने शासन काल में राज्य और प्रजा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अच्छे से निर्वहन किया। उन्होंने सुशासन और परोपकार के नए प्रतिमान स्थापित किए। आज से 300 साल पहले उन्होंने पेयजल और भू-जल रिचार्ज सुनिश्चित करने के कार्य किए। चंदेल ने कार्यक्रम में मौजूद छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर सफल व्यक्ति की जीवनी को पढ़ना चाहिए। शिखर पर पहुंचने वाले लोगों के जीवन का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता से विचलित होने की जरूरत नहीं है। असफलता में ही सफलता का राज छुपा है। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर सर्वगुण संपन्न, प्रजाहितैषी और न्यायप्रिय शासक थी। उनके गौरवशाली जीवन से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। (Sao on Ahilyabai Holkar)

208 स्टूडेंट्स ने लिया हिस्सा

महापौर चौबे ने बताया कि रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन के विविध पक्षों को बच्चों और युवाओं के सामने लाने रायपुर नगर निगम की ओर से अलग-अलग वर्गों में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। चित्रकला स्पर्धा में सीनियर वर्ग में 27 और जूनियर वर्ग में 83 बच्चों ने भाग लिया। वहीं निबंध लेखन में सीनियर वर्ग में 40 और जूनियर वर्ग में 58 प्रतिभागी शामिल हुए। दोनों स्पर्धाओं में अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों के कुल 208 स्टूडेंट्स ने भागीदारी की। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, आयुक्त विश्वदीप, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, MIC सदस्य, जोन अध्यक्ष और पार्षदों समेत दोनों स्पर्धाओं के प्रतिभागी स्टूडेंट्स और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। (Sao on Ahilyabai Holkar)

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