Google Analytics —— Meta Pixel

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री साय

Shri Ram Katha in Kunkuri: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में पत्नी कौशल्या साय के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने व्यासपीठ पर संत चिन्मयानंद बापू को नमन करते हुए कहा कि कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

यह भी पढ़ें:- विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहां वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 साल के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहां के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे कई पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की फिर प्रतिष्ठा हुई है।

 

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही श्रीरामलला दर्शन योजना शुरू की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। (Shri Ram Katha in Kunkuri)

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहां रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से ज्यादा हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थी। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 सालों के संघर्ष के बाद प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। (Shri Ram Katha in Kunkuri)

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम और मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। बता दें कि संत चिन्मयानंद बापू की श्रीराम कथा 2 अप्रैल से शुरू हुई है, जो 8 अप्रैल तक लगातार जारी रहेगी। इस आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी समेत आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

Back to top button
error: Content is protected !!