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आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में रेलिंग गिरने से भगदड़, 10 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

Stampede in Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित प्रसिद्ध वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में एकादशी के मौके पर बड़ा हादसा हो गया है। दरअसल, भारी भीड़ के बीच मंदिर की रेलिंग गिरने से भगदड़ मच गई, जिसमें 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

कैसे हुआ हादसा ?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एकादशी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर पहली मंजिल पर स्थित है, जहां जाने के लिए करीब 20 सीढ़ियां हैं। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और रेलिंग गिर पड़ी। रेलिंग टूटते ही लोग नीचे गिरने लगे और भगदड़ मच गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग एक-दूसरे से सटे हुए थे। रेलिंग गिरने के बाद अफरातफरी मच गई। कुछ अपनी जान बचाने के लिए दूसरों के ऊपर चढ़कर निकलने की कोशिश करते लगे।  

गृहमंत्री ने बताई हादसे की वजह

आंध्र प्रदेश की गृहमंत्री अनीता ने बताया कि मंदिर में आमतौर पर हर हफ्ते करीब 1500 से 2000 श्रद्धालु आते हैं, लेकिन एकादशी होने की वजह से आज भीड़ बहुत ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा थी। सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की हुई, इसी दौरान रेलिंग टूट गई और हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा। राज्य के कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मंदिर प्रशासन से बातचीत की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। वहीं मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया पर लिखा-श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना से मैं गहरा व्यथित हूं। यह अत्यंत हृदयविदारक है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को तुरंत और बेहतर उपचार प्रदान किया जाए। CMO की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ उस समय मची जब एकादशी के मौके पर भारी भीड़ जमा हुई थी। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है। 

मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

श्रीकाकुलम का वेंकटेश्वर मंदिर आंध्र प्रदेश का प्राचीन और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। इसे उत्तरा तिरुपति भी कहा जाता है, क्योंकि इसका स्वरूप और पूजा-पद्धति तिरुपति बालाजी मंदिर से मिलती-जुलती है। यहां भगवान वेंकटेश्वर की पूजा होती है, जिन्हें स्थानीय लोग श्रीनिवास, बालाजी या गोविंदा नामों से भी पुकारते हैं। माना जाता है कि यह मंदिर 11वीं–12वीं सदी में चोल और चालुक्य काल में बनाया गया था। हर साल एकादशी, कार्तिक मास और अन्य धार्मिक पर्वों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में विशेष पूजन, भोग और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि यहां दर्शन करने से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

 

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