राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए 1 सितम्बर से होगा सर्वेक्षण, श्रमिकों को मिलेंगे 6 हजार रुपए

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बलौदाबाजार । छत्तीसगढ़

राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत आने वाले 1 सितम्बर से ग्रामीण मजदूरों का सर्वेक्षण किया जायेगा। योजना के अंतर्गत चयनित भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 6 हजार रूपये की राशि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता बतौर दी जायेगी। बलौदाबाजार के कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने आज यहां जिला कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर पात्र मजदूरों के सर्वे के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश जारी किये। उन्होंने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गौठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट के उठाव में रूचि नहीं लिये जाने पर वन विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की। गौरतलब है कि मांग किये जाने के बावजूद वन विभाग द्वारा अभी तक महिला समूहों द्वारा निर्मित खाद का संपूर्ण उठाव नहीं किया गया है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी एवं अपर कलेक्टर राजेन्द्र गुप्ता सहित तमाम जिला स्तरीय अफसर मौजूद थे।

कलेक्टर ने बैठक में राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली तमाम योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के बचे हुये निर्माण कार्य 1 सितम्बर के पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिये जायें। लोक निर्माण विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित एसडीएम आपस में समन्वय के साथ समस्याओं का निराकरण कर लें।

उन्होंने कहा कि हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण की योजनाएं फिर से शुरू की जायेंगी। इसके लिए हर विकासखण्ड के लिए एक डेडिकेटेड वाहन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। डाॅक्टरों की अलग से टीम बारी-बारी से हाट-बाजारों में जाकर स्थानीय लोगों की छोटी-मोटी बीमारियों का निःशुल्क इलाज एवं दवाई वितरित करेंगे। कलेक्टर ने स्कूलों और आंगनबाड़ियों में रनिग वाटर उपलब्ध कराने की सुविधा पूर्ण कराने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। उन्होंने कहा कि 20 तारीख को मोहर्रम का अवकाश घोषित हो जाने के बाद भी निर्धारित स्थलों पर चिटफण्ड कम्पनी मंे रकम वापसी के लिए आवेदन लिये जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 20 तारीख तक आवेदन लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

कलेक्टर ने बैठक में राजस्व विभाग के काम-काज की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े काम प्राथमिकता से निपटाना राजस्व अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उपलब्धि के आधार पर उनका गोपनीय प्रतिवेदन अंकित किया जायेगा। कलेक्टर ने विगत लगभग 15 दिनों से अल्पबारिश से उत्पन्न खरीफ फसलों के हालात की भी जानकारी ली और फसलों को बचाने के लिए हरसंभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश सिंचाई एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए।

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