Free Fire खेलते समय 10 साल के बच्चे की संदिग्ध मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका, पुलिस जांच में उलझा मामला
नई दिल्ली | राजधानी के सैयद नांगलोई इलाके की अंबिका विहार कॉलोनी में एक 10 साल के बच्चे की रहस्यमयी मौत ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया है। मृतक पांचवीं कक्षा का छात्र था और निगम विद्यालय में पढ़ता था। घटना 31 जुलाई की है। बच्चा तेज बारिश के कारण उस दिन स्कूल नहीं गया था और घर पर अकेला था।
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शाम को जब माता-पिता काम से लौटे, तो घर के बाहर भीड़ लगी हुई थी। भीतर जाकर देखा तो बच्चा लोहे की पाइप से चुन्नी के सहारे फंदे पर लटका मिला, पास ही उसका मोबाइल पड़ा था जिसमें Free Fire गेम चालू था।
परिजन बोले: “ये आत्महत्या नहीं, सुनियोजित हत्या है”
परिजनों ने इस घटना को आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया है। पिता का आरोप है कि तीन लाख रुपये नकद, जो घर में साड़ी में छिपाकर रखे गए थे, गायब हैं। उनका शक है कि कोई चोर घर में घुसा होगा, जिसने रुपये चुराते वक्त बच्चे को देख लिया और उसे मारकर हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की।
पिता का यह भी दावा है कि बच्चे को मोबाइल गेम की लत नहीं थी। मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ इनकमिंग कॉल के लिए होता था और वह रिचार्ज भी नहीं था।
पुलिस की जांच में Free Fire पर 7 घंटे एक्टिविटी का दावा
पुलिस का कहना है कि बच्चे के शरीर पर किसी बाहरी चोट का निशान नहीं मिला है। फिलहाल मामला धारा 174 (मौत की जांच) और धारा 194 (आत्महत्या के लिए उकसाने की संभावना) के तहत दर्ज किया गया है। आसपास के लोगों के बयान लिए जा चुके हैं।
मोबाइल की फोरेंसिक जांच में पुलिस ने पाया कि बच्चा करीब 11 घंटे तक मोबाइल पर सक्रिय था—जिसमें 7 घंटे Free Fire गेम और 4 घंटे YouTube पर बिताए गए। हालांकि परिवार ने पुलिस के इस दावे को पूरी तरह नकार दिया है, यह कहते हुए कि मोबाइल में रिचार्ज ही नहीं था।
इलाके में गुस्सा, गहराई से जांच की मांग
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए। कॉलोनी में माहौल ग़मगीन है और लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग की है।
फिलहाल सवाल बरकरार…
- क्या यह एक मासूम बच्चे की आत्महत्या थी या किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा?
- पुलिस और परिजनों की बातें एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहीं।
- Free Fire जैसे ऑनलाइन गेम्स को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।



