जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंक के नेटवर्क पर बड़ा वार, जैश कमांडर सैफुल्लाह समेत 7 आतंकी ढेर

Terrorist Encounter in Kishtwar: जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू इलाके में रविवार सुबह से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें 3 आतंकी मारे गए। इसमें पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक चतरू क्षेत्र में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ तेज हो गई। सुरक्षाबलों ने उस ठिकाने को विस्फोट से ध्वस्त कर दिया, जहां आतंकी छिपे थे।
यह पढ़ें:- मुख्यमंत्री साय और सभी विधायकों को माउंट आबू जाने का न्योता, CM ने दी सहमति
3 फरवरी की शाम करीब 4 बजे शुरू हुई मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी घायल हुआ, लेकिन वह अपने साथी के साथ गुफा में छिप गया। रात 7:30 बजे आतंकियों ने बाहर निकलने की कोशिश की, जिस पर फिर से फायरिंग हुई। 4 फरवरी को व्हाइट नाइट कोर ने CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में संयुक्त अभियान चलाया था। इसे ऑपरेशन ‘किया’ नाम दिया गया। 4 फरवरी को सुरक्षाबलों ने UBGL का इस्तेमाल कर गुफा के एक हिस्से को उड़ा दिया। विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए।

व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 7 आतंकियों की तस्वीरें जारी कर कहा कि 326 दिन बाद किश्तवाड़ में आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया गया है। पोस्ट में कहा गया कि मारे गए आतंकियों में जैश कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल है, जो कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है, जिनमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें 4 सैनिक शहीद हुए थे। सेना ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान FPV ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) और UAV जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। (Terrorist Encounter in Kishtwar)
ऑपरेशन में K9 डॉग टायसन घायल
CIF डेल्टा के GOC मेजर जनरल APS बल ने कहा कि इस ऑपरेशन में जमीन पर मौजूद सैनिकों से लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों-ADG, IG, DGP और आर्मी कमांडर तक 15:07 23-02-202बेहतर तालमेल देखने को मिला। उन्होंने कहा किया कि काउंटर-टेरर ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। एनकाउंटर के दौरान इंडियन आर्मी की 2 पैरा (SF) यूनिट का K9 डॉग टायसन गोली लगने से घायल हो गया। वह सबसे पहले उस धोक तक पहुंचा था, जहां आतंकी छिपे थे। घायल होने के बावजूद उसने ऑपरेशन जारी रखा। फिलहाल उसे बेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

ऑपरेशन त्राशी-1 जारी
उधमपुर और किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी जारी है। यह 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू हुआ था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे। 19 जनवरी को हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हो गए। 22, 24 और 31 जनवरी को भी अलग-अलग जगहों पर मुठभेड़ हुई। सुरक्षाबलों को यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। 23 जनवरी को कठुआ में जैश कमांडर उस्मान मारा गया। साइट से अमेरिकी M4 राइफल और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए। (Terrorist Encounter in Kishtwar)
आतंकियों पर वार जारी
18-19 जनवरी को किश्तवाड़ में ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल, हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हुए थे। 16 दिसंबर 2025 को उधमपुर के मजालता क्षेत्र में मुठभेड़ में एक जवान शहीद, दो घायल हुए थे। किश्तवाड़ और उधमपुर में लगातार चल रहे ऑपरेशनों से संकेत मिल रहे हैं कि सुरक्षाबल आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। चतरू में 3 आतंकियों के मारे जाने के बाद क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रहेगा।



