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नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी, बीजिंग से बस्तर तक माओवाद के विद्रूप चेहरे पर होगी चर्चा – उपमुख्यमंत्री शर्मा

Naxalism in Chhattisgarh :  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त करने के लिए सुरक्षाबल लगातार कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। जंगलों में चुनौतीपूर्ण हालातों के बीच कई कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया गया है। इसी कड़ी में आज जगदलपुर के टाउनहॉल में “नक्सलवाद के विद्रूप चेहरे: बीजिंग से बस्तर तक” विषय पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा, फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन समेत कई वरिष्ठ वक्ता शामिल होंगे।

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि माओवाद का विद्रूप रूप चीन के बीजिंग से शुरू हुआ, जो अब बस्तर में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि माओवादी आदिवासियों को हथियारों और IED से निशाना बना रहे हैं, कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। शर्मा ने कहा, “आज ही के दिन बीजिंग में लोकतंत्र की मांग करने वाले दस हजार लोगों को टैंकों से कुचल दिया गया था। यह वही माओवाद है, जो हमारे क्षेत्र में त्रासदी का कारण बन रहा है। (Naxalism in Chhattisgarh)

तेलंगाना में कांग्रेस नेताओं द्वारा नक्सलियों से शांति वार्ता की पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने बस्तर के दर्द में कभी भाग नहीं लिया, जिन्होंने तब चुप्पी साधी जब गांव जलाए गए और लोगों की हत्या हुई, वे अब वार्ता की बात कर रहे हैं, उन पर संशय स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नक्सली स्वयं वार्ता की इच्छा जताते हैं, तो बातचीत संभव है, लेकिन यह किसी राजनीतिक दल की पहल पर नहीं हो सकती।

इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में स्कूलों के युक्तियुक्तकरण पर भी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई स्कूल बंद नहीं हो रहा है, बल्कि शिक्षकों की कमी के कारण दो स्कूलों को मिलाकर एक बनाया जा रहा है। जहां आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त शिक्षक भेजे जा रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनेगी। (Naxalism in Chhattisgarh)

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