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खाद की कोई कमी नहीं: मुख्यमंत्री साय ने किसानों को किया आश्वस्त, कहा -घबराने की जरूरत नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि खरीफ सीजन के लिए खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि किसानों को खाद के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार ने पर्याप्त इंतजाम किए हैं।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पहले ही वैकल्पिक उर्वरक आपूर्ति की व्यवस्था की जा चुकी है। DAP की कमी को पूरा करने के लिए NPK और SSP जैसे उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई गई है।

खरीफ सीजन के लिए 17.18 लाख मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य

सरकार ने चालू खरीफ सीजन के लिए 17.18 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के वितरण का लक्ष्य तय किया है। साथ ही, जिलों में खाद वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि कृषि विभाग और सहकारिता विभाग की टीमों को सतर्क किया गया है ताकि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी न हो। किसानों को निर्धारित दर पर खाद मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री बोले- किसानों को भरपूर खाद मिलेगी

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे-एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इस पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अब 14.62 लाख मेट्रिक टन की जगह 17.18 लाख मेट्रिक टन खाद मिलेगी

चालू खरीफ सीजन में 14.62 लाख मेट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य कृषि विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था, जिसमें यूरिया 7.12 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3.10 लाख मेट्रिक टन, एनपीके 1.80 लाख मेट्रिक टन, एमओपी 60 हजार मेट्रिक टन, एसएसपी 2 लाख मेट्रिक टन शामिल था। डीएपी के कमी को देखते हुए कृषि विभाग ने इस लक्ष्य को संशोधित किया है। डीएपी की आपूर्ति की कमी चलते इसके लक्ष्य को 3.10 लाख मेट्रिक टन से कमकर 1.03 लाख मेट्रिक टन किया गया है, जबकि एनपीके के 1.80 लाख मेट्रिक टन के लक्ष्य को 172 प्रतिशत बढ़ाकर 4.90 लाख मेट्रिक टन और एसएसपी के 2 लाख मेट्रिक टन को 176 प्रतिशत बढ़ाकर 3.53 लाख मेट्रिक टन कर दिया गया है। यूरिया और एमओपी के पूर्व निर्धारित लक्ष्य को यथावत् रखा गया है। इस संशोधित लक्ष्य के चलते रासायनिक उर्वरकों के वितरण की मात्रा 14.62 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर अब 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गई है।

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