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TS सिंहदेव को मिल सकती है छत्तीसगढ़ की कमान, PCC चीफ बनाए जा सकते हैं ‘बाबा’

TS Singh Deo News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को AICC महासचिव बनाया गया है। इसके साथ ही पंजाब का प्रदेश प्रभारी भी बनाया गया है। इस बीच टीएस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है। भूपेश बघेल को AICC महासचिव बनाए जाने के बाद टीएस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाने को लेकर अटकलें तेज हो गई है। चर्चा है कि कुछ राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाएंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। ऐसे में दीपक बैज के बाद TS सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा मिल सकता है।

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दरअसल, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा में भी कांग्रेस की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रही है। ऐसे में केंद्र के बाद राज्यों में संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष समेत कार्यकारिणी में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व CM भूपेश बघेल के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद गुटीय संतुलन बनाए रखने के लिए सिंहदेव को PCC चीफ बनाया जा सकता है। सरगुजा राजघराने से आने वाले सिंहदेव की संयमित और स्वच्छ छवि परंपरागत आने वाले चुनाव में मतदाताओं को आकर्षित कर सकती है। कांग्रेस आदिवासी और सवर्ण समुदाय को साधने के लिए सिंहदेव को आगे लाकर सामाजिक संतुलन बनाना चाहती है। (TS Singh Deo News)

राहुल गांधी से नजदीकी हो सकता है फायदेमंद

बता दें कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी जमींदार परिवार और सवर्ण वर्ग से आते हैं। लंबे संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के भीतर अच्छी पकड़ के कारण वे कांग्रेस को आंतरिक रूप से मजबूत कर सकते हैं। राहुल गांधी से नजदीकी उन्हें संगठन में मजबूत स्थिति दिला सकती है। आगामी चुनाव की रणनीति को देखते हुए कांग्रेस गुटबाजी कम कर एकजुटता के लिए टीएस सिंहदेव पर भरोसा जता सकती है। बघेल के केंद्रीय राजनीति में जाने के बाद प्रदेश में नए नेतृत्व की जरूरत है, जिसे टीएस बाबा पूरा कर सकते हैं। (TS Singh Deo News)

TS सिंहदेव की भूमिका

  • सिंहेदव 2013 से 2018 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रहे।
  • सिंहदेव ने प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जैसे कई पद संभाले हैं।
  • 2018 में सिंहदेव ने ही घोषणा पत्र तैयार किया था, जिसके बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी थी।
  • 2018 में सरगुजा संभाग के सभी 14 सीट के साथ 68 सीटों पर जीत मिली थी।
  • सिंहदेव छत्तीसगढ़ के इतिहास के पहले उप मुख्यमंत्री रहे हैं।
  • TS ने सरकार में डिप्टी CM समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।
  • सिंहदेव ने साल 2008 में अंबिकापुर से 980 वोटों के अंतर से पहला चुनाव जीता था।
  • पूर्व डिप्टी CM ने 3 बार विधानसभा का चुनाव जीता, लेकिन 2023 में हार गए।

सिंहदेव के प्रदेश अध्यक्ष बनने की अटकलों को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि
प्रदेश अध्यक्ष का चयन हाईकमान का विषय है। मैं इतना कहना चाहता हूं आदिवासी वर्ग का ध्यान रखना चाहिए। भगत ने आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष से ही सत्ता में वापसी की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्ग से नेतृत्व पर ही जीत होगा। आदिवासी क्षेत्रों में कमजोर होंगे तो सत्ता में वापसी में मुश्किल होगी। भगत ने बीजेपी के फार्मूले को अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि BJP के सोशल इंजीनियरिंग का प्रभाव ऐसे ही कम हो सकता है।

महंत ने सिंहदेव को लेकर कही थी बड़ी बात

वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने अंबिकापुर में नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान कहा था कि अगला विधानसभा चुनाव टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा था कि पिछले चुनाव में कांग्रेस एक नहीं थी, इस वजह से चुनाव हारे, लेकिन अब सभी एक हैं और अगले चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनेगी। उस समय पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी वहां मौजूद थे। हालांकि बाद में महंत अपने ही बयान से पलट गए थे। उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने भी कहा था कि नेतृत्व का फैसला आलाकमान करता है। इसे लेकर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा था।

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