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टूर एंड ट्रेवल्स बना ठगी का जरिया, किराए की गाड़ियां गिरवी रखकर लाखों की ठगी

Vehicle Fraud Racket: दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में टूर एंड ट्रेवल्स के नाम पर संचालित एक संगठित वाहन ठगी का मामला सामने आया है, जहां शातिर तरीके से वाहन मालिकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर उनकी गाड़ियां हड़पी जा रही थी। मां लक्ष्मी टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से चल रहे इस नेटवर्क के जरिए आरोपियों ने कई लोगों को झांसे में लेकर उनकी गाड़ियां किराए पर ली और फिर उन्हें वापस करने के बजाय अलग-अलग जगहों पर गिरवी रखकर या बेचकर रकम हड़प ली।

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मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित याकुब खान ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी किराए पर लेने के बाद न तो तय किराया दिया गया और न ही वाहन लौटाया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जब जांच शुरू की तो यह एक बड़े और सुनियोजित गिरोह का रूप लेकर सामने आया। जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य वाहन मालिकों को हर महीने 40 से 50 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देते थे। शुरुआत में एक-दो महीने तक किराया देकर भरोसा जीतते थे, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर देते थे। इसी बीच वे बिना मालिक की जानकारी के वाहनों को तीसरे पक्ष के पास गिरवी रख देते या बेच देते थे। 

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान राजनांदगांव जिले के चारभाटा निवासी अमित कुमार सिंह (28 साल) और डोंगरगढ़ निवासी वरुण सलामे (25 साल) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी पिछले करीब एक साल से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे थे, जिन्होंने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पूरे प्लान के तहत इस ठगी को अंजाम दिया। वे शहर में बाकायदा ऑफिस खोलकर टूर एंड ट्रेवल्स का व्यवसाय संचालित करते थे, जिससे लोगों को उन पर आसानी से भरोसा हो जाता था। (Vehicle Fraud Racket)

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शहर के अलग-अलग जगहों से कुल 10 वाहन बरामद किए हैं, जिनमें 9 कार और एक बुलेट बाइक शामिल हैं। बरामद वाहनों में स्कॉर्पियो, अर्टिगा, थार, स्विफ्ट, पंच, वरना और बलेनो जैसी गाड़ियां शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग लोगों के पास गिरवी रखा गया था। सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि जिन लोगों के पास ये वाहन बरामद हुए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है और संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। (Vehicle Fraud Racket)

मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और और वाहनों की बरामदगी की भी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। मामले में आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस में लोगों से अपील की है कि वाहन किराए पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति/संस्था का सत्यापन अवश्य करें और बिना वैधानिक दस्तावेज के वाहन न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

फर्जी नेटवर्क पर भी सवाल खड़े

आसान कमाई के लालच में रची गई इस ठगी ने कई वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल पुलिस इस ठगी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस गिरोह से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं और ठगी का दायरा भी बढ़ सकता है। वाहन मालिकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इस मामले ने शहर में किराए के नाम पर चल रहे फर्जी नेटवर्क पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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