13 साल बाद फैसला: रायपुर गोलीकांड में आरोपी बरी

रायपुर, 10 अप्रैल। रायपुर के बहुचर्चित वर्ष 2013 के गोलीकांड मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को बरी कर दिया। करीब 13 वर्ष बाद आए इस निर्णय में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज शर्मा की अदालत ने आरोपी वीरेंद्र सिंह उर्फ रुबी सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा। प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयान पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं पाए गए, जिसके चलते आरोपी के खिलाफ ठोस आधार स्थापित नहीं हो सका। इस फैसले के साथ लंबे समय से लंबित इस चर्चित मामले पर न्यायिक विराम लग गया और आरोपी को बड़ी राहत मिली है।
घटना का विवरण
मामला 13 अगस्त 2013 का है, जब हबीब खान अपने साथियों के साथ चौरासिया कॉलोनी पहुंचे थे। बताया जाता है कि वे बकाया राशि के भुगतान न होने पर फर्नीचर वापस लेने गए थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर हबीब खान पर गोली चलाई, जो उन्हें नहीं लगी। इसके बाद आरोपी ने हबीब के पीछे खड़े नौशाद आलम उर्फ असलम को उनका साथी समझते हुए दूसरी गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों की कमजोरी के चलते अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का फैसला सुनाया।



