योग केवल शरीर का व्यायाम नहीं बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच करता है समन्वय स्थापित: डॉ. सरिता साहू
धौराभांठा (पाटन)। विकासखंड पाटन अंतर्गत पूर्व माध्यमिक शाला धौराभांठा में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) बड़े ही उत्साह एवं अनुशासन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने योगाचार्य अशोक महेश्वरी की शिष्या एवं योग लंगर संस्था की सक्रिय सदस्य डॉ. सरिता साहू के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत शांति पाठ से की गई, जिसके बाद विद्यार्थियों को योग के महत्व की जानकारी दी गई। डॉ. सरिता साहू ने योग को जीवन के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि, “योग केवल शरीर का व्यायाम नहीं बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करता है। योग के माध्यम से व्यक्ति न केवल मानसिक शांति प्राप्त करता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य और आत्मिक बल भी बढ़ता है।
डॉ. साहू ने विद्यार्थियों को भ्रामरी प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम, उज्जयी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, कपाल भारती, ताड़ासन, वृक्षासन सहित विभिन्न योगाभ्यास कराए। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 में योग को विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।
इस अवसर पर शाला के शिक्षक मनोज साहू सहित अनेक पालकों ने भी अपनी उपस्थिति देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से योग सत्र में भाग लेकर लाभ उठाया। (International Yoga Day)

डॉ. सरिता साहू ने कहा : – योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच अद्भुत समन्वय है। जीवन की आपाधापी में मन को स्थिर करने और शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम योग ही है। आज के बच्चे यदि प्रारंभ से योग को अपनाएंगे, तो न केवल उनका शारीरिक विकास बेहतर होगा, बल्कि वे मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं से भी दूर रहेंगे। नई शिक्षा नीति 2020 में योग को विद्यार्थियों के समग्र विकास का अहम हिस्सा बनाया गया है, जो बहुत सराहनीय कदम है। आज धौराभांठा के बच्चों ने पूरे मन से योग दिवस में भाग लिया, यह देखकर प्रसन्नता हुई। (International Yoga Day)



