Google Analytics —— Meta Pixel

Strait Of Hormuz : ईरान की धमकी से मचा हड़कंप: होर्मुज बंद होने पर चीन को बड़ा नुकसान, भारत सतर्क

Strait Of Hormuz :  ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की संभावनाओं के बीच अमेरिका समेत दुनिया भर में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी प्रशासन ने इसे “आर्थिक आत्महत्या” करार दिया है। वहीं भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं, हालांकि सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त रणनीतिक भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत मौजूद हैं।

यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ में फिर शर्मसार हुई इंसानियत, मासूम को आधी रात घर से उठा ले गया हैवान, पुलिस ने जंगल से बचाया

अमेरिका ने दी चेतावनी, चीन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने फॉक्स न्यूज को दिए एक बयान में कहा, “अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट  (Strait Of Hormuz )को बंद करता है, तो यह न केवल एक गंभीर भूल होगी, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा—विशेष रूप से चीन को, जो यहां से तेल आयात पर अत्यधिक निर्भर है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास इससे निपटने के पर्याप्त विकल्प हैं, लेकिन दुनिया के अन्य देशों को भी इस मुद्दे पर सतर्क रहने की जरूरत है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भी हो सकता है असर

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया का एक तिहाई कच्चा तेल गुजरता है। भारत अपनी 90% कच्चे तेल की जरूरतों को आयात से पूरा करता है, और इनका एक बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर आता है।

JNU के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन केंद्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मण कुमार बेहरा ने कहा, “अगर यह मार्ग बाधित होता है, तो भारत की तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, विशेषकर इराक और सऊदी अरब से होने वाले आयात में।”

पूर्व नौसेना प्रवक्ता कैप्टन डी.के. शर्मा (सेवानिवृत्त) ने भी चिंता जताते हुए कहा, “किसी भी तरह की बाधा से बीमा लागत बढ़ेगी, वैकल्पिक मार्ग ढूंढना महंगा होगा, और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।”

भारत की तैयारी: पर्याप्त भंडार, विविध आपूर्ति स्रोत

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि भारत के पास कई सप्ताह तक की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडारण है और सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने पिछले वर्षों में आपूर्ति स्रोतों का विविधीकरण किया है। अब हमारी तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं है।”

आईईए की चेतावनी: हल्की सी बाधा भी गंभीर असर डालेगी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, “होर्मुज जलमार्ग (Strait Of Hormuz) में मामूली व्यवधान भी वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा असर डाल सकता है।” विश्लेषकों के अनुसार, तेल की कीमतों के साथ-साथ वैश्विक मुद्रा बाजारों, निवेश ट्रेंड और बीमा लागतों में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका है।

Back to top button
error: Content is protected !!