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08 सितम्बर 2021 : आज बुधवार को बुध ग्रह अनिष्ट नाशक एवं सफलता के लिए करें यह उपाय, मिलेगी कृपा

08 सितम्बर 2021, दिन – बुधवार। सौभाग्य वृद्धि, अनिष्ट नाशक एवं सफलता के लिए आज एक उपाय।

1. स्नान जल मे नदी या तीर्थ जल, चावल, मोती शहद, जायफल, पिपरामुल, नदी या तीर्थ जल; मिलाकर स्नान करें।
2. बाधा मुक्ति के लिए दान – मूंग, हरा वस्त्र, हरी चूड़ी, पालक, फल कपूर। दान -कन्या, व्यापारी किन्नर को दे।
3 . दिन दोष आपत्ति निराककरण के लिए घर से प्रस्थान पूर्व क्या खाएं – मूंग, तिल, धनिया, दूध में से कोई पदार्थ। जिनका बुध अनुकूल हो वे दही Curd अवश्य ले सकते हैं।

तनाव, परेशानी रोकने एवं सफलता के लिए मंत्र

बुध ग्रह का गायत्री मंत्र :-
(गायत्री मन्त्र पश्चात् गृहस्थ को आवश्यक है बोलना)
आपो ज्योति रस अमृतम। परो रजसे सावदोम।
ओम सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि तन्नो बुध प्रचोदयात्। आपो ज्योति रस अमृतम। परो रजसे साव दोम।
1. बुध ॐ गजध्वजाय विद्महे सुखहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥
2. ॐ चन्द्रपुत्राय विद्महे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥
3. ॐ सौम्यरूपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥

जैन धर्म मंत्र 

श्री विमलनाथ या श्री मल्लिनाथ भगवान का स्मरण करें। ॐ ह्रीं णमो उवज्झायाणं।
ॐ ह्रीं बुधग्रह अरिष्टनिवारक-श्री मल्लिनाथजिनेन्द्राय नम:। सर्वशांतिं कुरुकुरु स्वाहा।
मम (अपना नाम) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्व शांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।

बुधवार अशुभ ग्रह से सुरक्षा का मंत्र

ब्रह्माण्डपुराणोक्त
उत्पातरूपो जगतां चन्द्रपुत्रो महाद्युति:।
सूर्यप्रियकरो विद्वान् पीडां हरतु मे बुध:।।
जगत् में उत्पात करने वालेमहान द्युति से संपन्नसूर्य का प्रिय करने वाले विद्वान तथा चन्द्रमा के पुत्र बुध मेरी पीड़ा का निवारण करें।। ब्रह्माण्डपुराण
बुध : ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेधामयं च। अस्मिन्त्सधस्थेद अध्युवत्तरस्मिन् विश्वे देवा यशमानश्च सीदत।। (यजु. 15।54)

शाबर मन्त्र – (श्रद्धा आवश्यकशुद्धता सामान्य)
ओम गुरूजी बुधवार बुध लेकर जूंझे। पॉंच पचीस ले घट में चढ़े।
निसाणघुरावे आवागमन में कदे न आवे।।
बुध करो शुद्ध, घर सगत पाणी भरे। बुधवार अत्रिगोत्र,पीत वरण चार हजार।।
जाप मगहद देश, ईशान कोण स्थान बाणाकार मंडल ४अंगुल।
कन्या मिथुन राशि के गुरू को नमस्कार।। सत फिरे तो वाचाफिरे।।
पान फूलवासना सिंहासन धरै। तो इतरो काम बुधवार जी महाराज करे।।
ओम फट् स्वाहा ll

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