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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से 33 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा लापता

Cloud Burst in Kishtwar: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोटी गांव में बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ से आए तेज पानी और मलबे की चपेट में आने से अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 2 CISF जवान भी शामिल हैं। 28 शव बरामद कर लिए गए हैं। जबकि करीब 200 लोग अभी भी लापता हैं। हादसे में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें 37 की हालत गंभीर है, जिन्हें किश्तवाड़ जिला अस्पतालमें भर्ती कराया गया है। जबकि 70-80 घायलों का इलाज पाडर के उप-जिला अस्पताल में जारी है।

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दुर्घटना उस समय हुई जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के पहले पड़ाव चशोटी गांव में पहुंचे थे। बादल फटने से वहां लगी श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और दुकानें बाढ़ के पानी में बह गईं। यह यात्रा हर साल अगस्त में होती है और 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलती है। प्रशासन और बचाव दल राहत कार्य में जुटे हैं, लेकिन लापता लोगों की बड़ी संख्या के चलते बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अब तक 65 लोगों को बचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF की 2 टीमों को मौके पर भेजा गया है। आधुनिक उपकरणों से लैस NDRF की 2 टीमों में करीब 180 सदस्य शामिल है। (Cloud Burst in Kishtwar)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान जारी है। ज़रूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इधर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैंने केंद्रीय गृहमंत्री से बात की और उन्हें जम्मू के किश्तवाड़ क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी दी। खबर गंभीर और सटीक है, बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र से सत्यापित जानकारी आने में देरी हो रही है। बचाव कार्यों के प्रबंधन के लिए जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर से सभी संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं। मैं चैनलों या समाचार एजेंसियों से बात नहीं करूंगा। सरकार जब भी संभव होगा जानकारी साझा करेगी।

वहीं केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि किश्तवाड़ ज़िले में बादल फटने की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य कर रहा है। एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गई हैं। हम स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। ज़रूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। पुंछ डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि अगर बारिश के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो हम तुरंत उसके लिए आवश्यक कदम उठाते हैं, जहां भी अगर ऐसी घटनाएं होती हैं और जहां भारी बारिश का अलर्ट है, हम उन पर नजर रख रहे हैं। डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा कहा कि सेना और वायुसेना को भी सक्रिय कर दिया गया है। सभी मेडिकल टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। तलाशी अभियान जारी है। राहत और बचाव कार्य जारी है। हम पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। (Cloud Burst in Kishtwar)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि यह बहुत दुखद खबर है। बादल फटने की घटनाएं पहाड़ी इलाकों में आम हो गई हैं। उत्तराखंड में भी ऐसी घटना हुई जहां बहुत नुकसान हुआ, पिछले साल रामबन में भी ऐसा हुआ और अब मचैल माता यात्रा जहां होती है उस मंदिर के सामने ऐसा हुआ है। लाखों लोग इस यात्रा में शामिल होते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर वहां जाकर घायलों को निकाल सकें। इस समय सभी लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। उम्मीद करते हैं कि मृतकों की संख्या कम हो। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश के कारण पुंछ में सुखा कथा नाला और अन्य जलाशय उफान पर हैं, इनका पानी सड़कों तक आ गया है। (Cloud Burst in Kishtwar)

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