पड़ोसी देश पाकिस्तान में बारिश और बाढ़ से भारी तबाही, 1 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका, कई गांव हुए नक्शे से गायब

Pakistan Flood 2025: पाकिस्तान में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हालात बहुत भयावह हो गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। कई गांव बह गए हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। सबसे ज्यादा तबाही खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में देखने को मिल रही है। स्थानीय प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कई गुना ज्यादा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के खैबर पख्तूनख्वा मामलों के सूचना समन्वयक इख्तियार वली खान ने कहा कि बाढ़ की वजह से अकेले दीर जिले में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है। उन्होंने बताया कि वे खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं।
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बता दें कि बुनेर के चघरजी इलाके में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। बशोनी गांव पूरी तरह से नक्शे से गायब हो गया है। नदी किनारे बसे घर और पूरे परिवार लापता हो गए हैं। इख्तियार वली खान ने कहा कि अब तक अस्पतालों में 600 शव लाए गए हैं, लेकिन असल में कई और लोग मारे गए हैं, जिनकी कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ के साथ आए पत्थर इतने बड़े थे कि ट्रकों से भी भारी लग रहे थे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA ने कहा कि 26 जून से अब तक देशभर में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 657 लोगों की मौत और 929 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। (Pakistan Flood 2025)

मृतकों में 392 पुरुष, 171 बच्चे और 94 महिलाएं शामिल हैं। घायलों में 437 पुरुष, 256 बच्चे और 236 महिलाएं हैं। अकेले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में ही 390 लोगों की मौत हुई है। जबकि 245 लोग घायल हुए हैं। NDMA ने बताया कि मौतें लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं की वजह से हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान में आई इस आपदा पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि संयुक्त राष्ट्र की टीमें पाकिस्तान सरकार के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और सैकड़ों गांव जलमग्न हैं। कई जगह सड़कें टूट गई हैं। संचार सेवाएं ठप हो चुकी है, जिससे राहत पहुंचाना बेहद मुश्किल हो रहा है। कई इलाकों में लोग ऊंची जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं। (Pakistan Flood 2025)




