नवरात्र पर गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर बढ़ा विवाद, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की अपील पर कांग्रेस ने साधा निशाना
Non Hindus in Garba: नवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे देश में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना के लिए मनाया जाने वाला यह पर्व धार्मिक आयोजनों, गरबा, दुर्गा पूजा और रामलीला के आयोजनों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं की भागीदारी को लेकर विवाद गरमा गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने गरबा में गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि गरबा हिंदू आस्था से जुड़ा पर्व है, और इस दौरान गैर-हिंदुओं की उपस्थिति को लेकर कई बार गलत नीयत से प्रवेश की शिकायतें सामने आई हैं।
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एक संगठन ने तो यहां तक कह दिया कि “अगर गरबा में कोई गैर-हिंदू मिलता है, तो उसका ढंग से इलाज किया जाएगा। यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। इस विवाद के बीच छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान गरबा और अन्य धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि मूर्ति पूजा में आस्था ना रखने वाले मुस्लिम गरबा आयोजनों से खुद को दूर रखें। अगर कोई मुस्लिम युवक या युवती गरबा में भाग लेना चाहता है तो वह आयोजकों से अनुमति लेकर और परंपरा का सम्मान करते हुए ही भाग लें। गलत नीयत से गरबा स्थलों में प्रवेश करने वालों से सामाजिक सौहार्द को खतरा है। (Non Hindus in Garba)
भाजपा की टूलकिट बना वक्फ बोर्ड: कांग्रेस
डॉ. सलीम राज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अपील शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। वक्फ बोर्ड की इस अपील पर अब राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड की नीयत और मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास बताया है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वक्फ बोर्ड भाजपा की टूलकिट की तरह काम कर रहा है। गरबा हिंदू धर्म की संस्कृति और मां दुर्गा के आराध्य का पर्व है। मैंने कभी किसी हिंदू को मस्जिद में नमाज पढ़ते नहीं देखा, न ही मुस्लिमों को गरबा में जाते देखा है। वक्फ बोर्ड को ऐसे आदेश जारी करने की बजाय, समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। (Non Hindus in Garba)
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ विजय शंकर मिश्रा का पलटवार
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ विजय शंकर मिश्रा ने वक्फ बोर्ड के गरबा को लेकर दिए निर्देश और सुशील आनंद शुक्ला के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सलीम राज वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष है, उनका कोई फैसला या निर्देश है तो वो सिर्फ उनका नहीं बल्कि बोर्ड का है। कांग्रेस हमेशा धर्म की राजनीति करती है और बांटने की राजनीति करती है, भाजपा के लिए सभी धर्म-जाति के लोग बराबर, वोट की राजनीति के लिए ऐसा करती है कांग्रेस और अब ऐसे आरोप लगा रही है। (Non Hindus in Garba)
मंत्रियों की अलग-अलग राय
वहीं गरबा के दौरान मुस्लिमों की रोक को लेकर मंत्रियों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवरात्र का पर्व सनातन धर्म के लोग मनाने हैं। गरबा नवरात्र का ही हिस्सा है। अगर आधार कार्ड लिया जा रहा तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अगर दूसरे धर्म के लोगों की एंट्री नहीं हो रही है तो नहीं होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी गरबा के दौरान आधार कार्ड स्क्रीनिंग होनी चाहिए। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी ने इस मुद्दे पर कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई योजना नहीं है। (Non Hindus in Garba)
क्या है विवाद की जड़ ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब देश के कुछ हिस्सों में गरबा आयोजनों में गैर-हिंदू युवकों के गलत मंशा से प्रवेश करने की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद कुछ आयोजकों और हिंदू संगठनों ने आईडी चेकिंग और एंट्री प्रतिबंध जैसे कदम उठाए। अब वक्फ बोर्ड की अपील और कांग्रेस की आलोचना से यह मुद्दा सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। जनता के बीच इस विवाद को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था की रक्षा मान रहे हैं। वहीं कुछ इसे धार्मिक भेदभाव और सामाजिक विघटन का प्रयास कह रहे हैं। नवरात्रि जैसे आध्यात्मिक पर्व पर जहां भक्ति और एकता का संदेश दिया जाता है, वहीं गरबा में भागीदारी को लेकर धार्मिक और राजनीतिक टकराव चिंताजनक है।



