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तेलंगाना में चुनावी वादा निभाने के नाम पर क्रूरता, एक महीने में 1100 आवारा कुत्तों की हत्या

Dog Murder in Telangana: तेलंगाना के कई जिलों में आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या से हड़कंप मचा हुआ है। जनवरी 2026 के दौरान राज्य के अलग-अलग गांवों में अब तक करीब 1100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारने का आरोप है। इन मामलों में ग्राम सरपंचों और पंचायत सचिवों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हनमकोंडा जिले के पथीपाका गांव में करीब 200 आवारा कुत्तों की हत्या किए जाने का दावा किया गया है। एनिमल वेल्फेयर एक्टिविस्ट्स के मुताबिक गांव के सरपंच ने दिसंबर 2025 में हुए ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान लोगों से आवारा कुत्तों से छुटकारा दिलाने का वादा किया था।

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आरोप है कि करीब एक महीने पहले इस वादे को पूरा करने के लिए कुत्तों को जहरीला इंजेक्शन दिया गया और बाद में उनके शवों को गांव के ही कब्रिस्तान में दफना दिया गया। यह पूरी कार्रवाई ग्राम पंचायत सचिव की निगरानी में किए जाने का दावा किया गया है। इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 से 9 जनवरी के बीच करीब 300 आवारा कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया था। एनिमल राइट्स संगठनों का कहना है कि दिसंबर 2025 से अब तक तेलंगाना के तीन जिलों में 1100 से ज्यादा कुत्तों की जान जा चुकी है। (Dog Murder in Telangana)

तेलंगाना में कुत्तों की हत्या

जगह मारे गए कुत्तों की संख्या
याचराम गांव 100
श्यामपेट और अरेपल्ली गांव (हनमकोंडा) 300
कामारेड्डी जिले के कई गांव  200
पेगडापल्ली गांव (जगतियाल) 300
पथीपाका गांव (हनमकोंडा) 200
कुल  1100

ये आंकड़े सिर्फ जनवरी 2026 के बताए जा रहे हैं। 22 जनवरी को जगतियाल जिले के पेगडापल्ली गांव में करीब 300 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। 19 जनवरी को याचराम गांव में 100 आवारा कुत्तों की हत्या के आरोप में सरपंच, पंचायत सचिव और एक वार्ड सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक दफनाने की जगह से 70 से 80 कुत्तों के शव निकाले गए थे। शुरुआती जांच में शवों को तीन से चार दिन पहले दफनाए जाने की बात सामने आई। (Dog Murder in Telangana)

कामारेड्डी जिले के 5 गांवों में हत्याएं

14 जनवरी को कामारेड्डी जिले के भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली गांवों में 200 से 300 आवारा कुत्तों की हत्या का आरोप लगा। इस मामले में पुलिस ने पांच सरपंचों समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 से 9 जनवरी के बीच करीब 300 आवारा कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया था, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया। जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के कई गांवों में दिसंबर 2025 में हुए ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान कुछ उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से छुटकारा दिलाने का वादा किया था। आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद इन्हीं वादों को पूरा करने के नाम पर आवारा कुत्तों को बेरहमी से मारा जा रहा है। 

Dogs Killing in Telangana

पुलिस जांच में सामने आया है कि कई सरपंचों ने कुत्तों को मारने के लिए खास लोगों को नियुक्त किया, जिन्हें जहरीले इंजेक्शन दिए गए। हत्या के बाद कुत्तों के शवों को गांवों के बाहर या सुनसान जगहों पर दफना दिया गया। तेलंगाना के गांवों से सामने आ रही ये तस्वीरें सिर्फ पशु क्रूरता नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता की कहानी भी कहती हैं। चुनावी वादों की आड़ में कानून को ताक पर रखकर सैकड़ों बेज़ुबानों की जान ले ली गई, जो बोल नहीं सकते, उनकी आवाज बनने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधियों ने ही उन्हें मौत के घाट उतार दिया। आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान हत्या नहीं, बल्कि मानवीय और कानूनी तरीकों से होना चाहिए। अब सवाल ये है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर ये मामले भी फाइलों में दबकर रह जाएंगे।

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