पश्चिम एशिया की स्थिति गहरी चिंता का विषय, संवाद और कूटनीति के माध्यम से सभी विवादों के समाधान का समर्थन करता है भारत: PM मोदी

PM Modi on Global Tensions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में यह आपकी पहली भारत यात्रा है और हम इसे एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन के रूप में देखते हैं। दुनिया में बहुत कम ऐसे लोग हैं जिनके अनुभव में दो देशों के केंद्रीय बैंक का नेतृत्व शामिल रहा हो। हमारी पहली बैठक से ही हमारे संबंधों में एक नई ऊर्जा, परस्पर विश्वास और सकारात्मकता आई है। सहयोग के हर क्षेत्र में बढ़ते गति का श्रेय मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को देता हूं।
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भारत और कैनेडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास रखते हैं। हम विविधता को सेलिब्रेट करते हैं। मानवता की भलाई हमारा साझा विजन है। यही विजन हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आज हमने इस विजन को नेक्स्ट लेवल पार्टनरशिप में बदलने करने पर चर्चा की। हमारा लक्ष्य है कि साल 2030 तक हमारा द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर तक पहुंचे। आर्थिक सहयोग की पूरी संभावनाओं को साकार करना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। इससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि कनाडा के पेंशन फंड्स ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो भारत की विकास यात्रा में उनके गहरे विश्वास का प्रतीक है। आज हम दोनों देशों के उद्योग जगत के नेताओं से भी मिलेंगे, जिनके सुझाव हमारी आर्थिक साझेदारी का मार्ग निर्धारित करेंगे। प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में हम स्वाभाविक साझेदार हैं। भारत-कनाडा नवाचार साझेदारी के माध्यम से हम विचारों को वैश्विक समाधान में परिवर्तित करेंगे। पिछले महीने भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की सफलता में कनाडा के महत्वपूर्ण योगदान के लिए मैं प्रधानमंत्री कार्नी का आभार व्यक्त करता हूँ। हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ-साथ क्वांटम तकनीक, सुपरकंप्यूटिंग और अर्धचालक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे।

PM मोदी ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स पर आज हुआ समझौता हमारी आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक मजबूत और लचीला बनाएगा। अंतरिक्ष क्षेत्र में हम दोनों देशों के स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ेंगे। प्रधानमंत्री कार्नी के लिए पर्यावरण कोई अलग विषय नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में हम हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष बल देते हुए नई पीढ़ी की साझेदारी बना रहे हैं। हमें प्रसन्नता है कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन से जुड़ने का निर्णय लिया है। साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष भारत-कनाडा नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हमने दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति की ऐतिहासिक व्यवस्था की है। साथ ही, लघु मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी हम मिलकर कार्य करेंगे। कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। इस दिशा में भारत में भारत-कनाडा पल्स प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है। हम रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान बढ़ाने पर कार्य करेंगे। इसी उद्देश्य से भारत-कनाडा रक्षा संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जन-से-जन संबंध हमारे रिश्तों की वास्तविक ताकत हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारियों की घोषणा की गई है। हम कनाडाई विश्वविद्यालयों की ओर से भारत में परिसर स्थापित करने पर भी सहमत हुए हैं।

PM मोदी ने कहा कि आदिवासी और स्वदेशी समुदाय हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों के बीच समझौता किया गया है। भारत के लिए कैनेडा इंडो-पैसिफिक में महत्वपूर्ण साझेदार है। इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन में संवाद भागीदार बनने में उनकी रुचि का हम स्वागत करते हैं। इससे हमारे मेरीटाइम सहयोग को नई गहराई मिलेगी। हम सहमत हैं कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता दोनों देशों के लिए ही नहीं, पूरी मानवता के लिए साझा और गंभीर चुनौतियां हैं। इनके विरुद्ध हमारा करीबी सहयोग वैश्विक शान्ति और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्व में चल रहे अनेक तनावों को लेकर भारत की सोच स्पष्ट रही है। हमने सदैव शांति और स्थिरता बनाए रखना का आह्वान किया है।

PM मोदी ने कहा कि जब दो लोकतंत्र साथ खड़े होते हैं तो शांति की आवाज और भी सशक्त हो जाती है। पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से सभी विवादों के समाधान का समर्थन करता है। इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम सभी देशों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के सहयोग को नई ताकत दी है और यह साझेदारी वैश्विक शांति, स्थिरता और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री कार्नी की यह यात्रा हमारे सहयोग के हर क्षेत्र को नई शक्ति प्रदान करती है। भारत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता के लिए मैं एक बार फिर उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूं। (PM Modi on Global Tensions)



