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भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं, हम किसी के लिए मध्यस्थता नहीं करते: विदेश मंत्री एस जयशंकर

Meeting on Middle East: मिडिल ईस्ट के हालात को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उस समय तीखी बहस देखने को मिली, जब विपक्ष ने भारत की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि देश इस संकट में मूकदर्शक क्यों बना हुआ है। इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब देते हुए कहा कि भारत किसी के लिए मध्यस्थता नहीं करता और न ही पाकिस्तान जैसा दलाल देश है, जिससे बैठक का माहौल गरमा गया। दरअसल, बैठक में अनवर ने कहा था कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है, जिसका विदेश मंत्री ने तीखा जवाब दिया।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में करीब दो घंटे चली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात और देश में तेल-गैस की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा हुई। विपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि भारत इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहा, जिस पर सरकार ने कहा कि वह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में कहा है कि युद्ध जल्द समाप्त होना चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर नुकसान हो रहा है। हालांकि विपक्ष ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताते हुए संसद के दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा की मांग की।

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। जबकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस बैठक में शामिल नहीं हुए और तृणमूल कांग्रेस ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी। सर्वदलीय बैठक में सरकार ने भरोसा दिलाया कि वेस्ट एशिया संकट के बावजूद देश में कच्चा तेल, LPG और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। सरकार ने कहा कि भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता के कारण आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है। अब तक चार शिपमेंट आ चुकी हैं और आगे भी आपूर्ति जारी रहने की उम्मीद है। (Meeting on Middle East)

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने दी जानकारी

ईरान की ओर से पांच दिन बाद सप्लाई रूट खोलने को सकारात्मक संकेत बताया गया। सरकार ने कहा कि भारत सभी संबंधित देशों के संपर्क में है और सक्रिय कूटनीति जारी है। विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा के लिए दूतावास सक्रिय हैं और जरूरत पड़ने पर नागरिकों को निकालने की पूरी तैयारी है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों को मौजूदा हालात की पूरी जानकारी दी है और उम्मीद जताई कि विपक्ष भी इस संकट के समय देशहित में सरकार के साथ खड़ा रहेगा।

राष्ट्रीय हित सर्वोपरि: केंद्र सरकार

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील है कि इस संवेदनशील समय में पूरा देश एकजुट रहे और संसद से एकता का संदेश जाए। रिजिजू ने यह भी बताया कि सर्वदलीय बैठक में लगभग सभी प्रमुख दलों ने भाग लिया, सिर्फ तृणमूल कांग्रेस शामिल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि TMC से दो बार संपर्क करने के बावजूद उन्होंने अन्य कार्यक्रम का हवाला देते हुए बैठक में हिस्सा नहीं लिया। सरकार ने भरोसा जताया कि इस अहम मुद्दे पर सभी दलों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखा जाएगा। (Meeting on Middle East)

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