सीजफायर के बाद ईरान का अमेरिका पर सीधा हमला, कहा- फिर शुरू हुआ युद्ध तो भारी होगा अंजाम

Iran on America: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम के बाद भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस युद्ध का पक्षधर नहीं था, बल्कि यह संघर्ष उस पर थोपा गया। उन्होंने कहा कि हम यह युद्ध नहीं चाहते थे। यह युद्ध ईरान पर थोपा गया था और उन्होंने ही ईरान के खिलाफ इस युद्ध की शुरुआत की थी। वे सोच रहे थे कि तीन दिनों के भीतर वे सब कुछ निपटा लेंगे और युद्ध समाप्त कर देंगे। आखिर में उन्हें एहसास हुआ कि यह उनकी बहुत बड़ी गलती थी। उन्होंने ईरान, नागरिकों और घरों पर हमले शुरू कर दिए। उनके बयान के मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर दस हजार से ज्यादा बार हमला किया और अंत में उन्होंने कहा कि वे ईरान की सभ्यता को नष्ट कर देंगे। इसका मतलब है कि वे ईरान और मानवता को नहीं जानते।
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डॉ. इलाही ने कहा कि इस युद्ध की शुरुआत से ही सभी ईरानी सड़कों पर उतर आए हैं। कल भी जब उन्हें एहसास हुआ कि अमेरिका हमारे पुलों, हमारी मस्जिदों, हमारे अस्पतालों पर हमला करना चाहता है। ईरानी इन स्थानों पर इकट्ठा हुए और उन्होंने कहा कि हम अपनी सुविधाओं और अपने बुनियादी ढांचे के साथ मरने के लिए तैयार हैं। आखिर में उन्हें एहसास हुआ कि वे ऐसा नहीं कर सकते। युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के रुख के बारे में कहा कि यह ईरान के हाथ में है और वे ही तय करेंगे कि क्या करना है। इस युद्ध से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य खुला था। किसी को भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में कोई समस्या नहीं थी। सभी इससे खुश थे और इस जलडमरूमध्य के कारण किसी को भी कोई परेशानी, संकट या संघर्ष नहीं हुआ था, लेकिन इस आक्रामकता और इस युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य समेत दुनिया में कई समस्याएं पैदा कर दी। अब कुछ दिनों से युद्धविराम है। हम आशा करते हैं कि यह युद्धविराम जारी रहेगा और मुझे उम्मीद है कि उन्होंने सबक सीख लिया होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या बोला ईरान ?
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से युद्ध शुरू करने का इरादा नहीं रखेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी को लाभ होगा। ईरान में रहने वाले भारतीयों के बारे में डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि यह हमारी प्राथमिकता है। यह मेरी प्राथमिकता है। चालीस साल पहले, जब यह युद्ध शुरू हुआ तो मैंने ईरान में अपने लोगों को संदेश भेजा और उनसे तेहरान और अन्य शहरों और विश्वविद्यालयों से लगभग 3,000 छात्रों को लेने का अनुरोध किया, जिनमें से अधिकांश चिकित्सा विज्ञान के छात्र थे। मैंने उनके लिए छात्रावास, होटल और अन्य आवास किराए पर लिए। मैंने अपने लोगों से उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाने को कहा। तेहरान स्थित आपके दूतावास का भी आभारी हूं। सभी छात्र सुरक्षित थे। ईरान में भारतीय भाइयों और बहनों की देखभाल करना हमारी प्राथमिकता है। यह मेरा कर्तव्य है। यह मेरी जिम्मेदारी है। (Iran on America)
भारत की भूमिका की सराहना
अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान और चीन की भूमिका के बारे में कहा कि कुछ देश एक साथ आए हैं और उन्होंने युद्धविराम कराने में बहुत अच्छी भूमिका निभाई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष में भारत की भूमिका के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे राष्ट्रपति के साथ शायद तीन या उससे ज्यादा बार सफल वार्ता की। यह बहुत अच्छी रही। भारत के विदेश मंत्री ने भी कई बार ईरान के विदेश मंत्री के साथ बेहद सफल वार्ता की। भारत में हमारे भाई-बहन, मैं उनका वर्णन नहीं कर सकता। जब भी मैं उन्हें याद करता हूं, मेरी आंखों में आंसू आ जाते हैं। वे उत्कृष्ट हैं। इन नेक लोगों के महत्व को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं भारत में अपने सभी भाई-बहनों को ऐसे सुंदर लोगों के होने पर बधाई देना चाहता हूं। वे असाधारण लोग हैं। (Iran on America)
खाड़ी देशों पर हमले को लेकर सफाई
खाड़ी देशों पर हुए हमले के बारे में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल ने कहा कि हम अपने पड़ोसियों और अरब देशों के साथ किसी भी प्रकार का संघर्ष नहीं चाहते थे। अमेरिका ने वॉशिंगटन, कैलिफोर्निया या न्यूयॉर्क से हम पर हमला नहीं किया या हमें निशाना नहीं बनाया। अमेरिका ने इन देशों का इस्तेमाल हमारे खिलाफ करना शुरू कर दिया। मीनाब स्कूल पर गिरे मिसाइल, जिनमें 170 निर्दोष लड़कियां मारी गईं, अरब देशों से आए थे। इसके कई सबूत हैं। इसलिए हम इन देशों में अमेरिका के ठिकानों पर हमला कर रहे थे, हमने कभी भी इन देशों के किसी नागरिक पर हमला नहीं किया। हम आशा करते हैं कि हमारे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध रहेंगे और मुझे यकीन है कि वे समझते हैं कि अमेरिका उनके लिए शांति नहीं ला सकता। युद्धविराम टूटने की स्थिति पर उन्होंने कहा कि ईरान पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा और जरूरत पड़ी तो पूरी ताकत से जवाब देगा।



