कभी बंदूक थामकर हिंसा करने वाले नक्सली अब सीख रहे हुनर, पूर्व नक्सली अब बने कारीगर और प्रोफेशनल

Surrendered Naxals Learn Skills: जिन हाथों ने कभी बंदूक थामकर हिंसा का रास्ता अपनाया था, अब वहीं हाथ अपने हुनर का कमाल दिखा रहे हैं। कांकेर के भानुप्रतापपुर के पास चौगेल गांव के पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त आत्मसमर्पित नक्सली हुनर दिखाते हुए काष्ठ कला से नेम प्लेट, छत्तीसगढ़ शासन का लोगो, ग्राम पंचायतों के लिए बोर्ड, बच्चों के लिए की-रिंग समेत दूसरे सजावटी सामान तैयार कर रहे हैं। साथ ही कपड़े का थैला, कार्यालयों के लिए बस्ता भी तैयार किया जा रहा है। सरकार की ओर से घोषित नक्सल पुनर्वास नीति के तहत कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की ओर से आत्मसमर्पित नक्सलियों को कुशल और दक्ष बनाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
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चौगेल कैंप में उन्हें काष्ठशिल्प के साथ ही इलेक्ट्रिशियन, ड्रायविंग, सिलाई, राजमिस्त्री जैसे पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कभी नक्सली गतिविधियों में संलिप्त रहे युवक-युवतियां अब अलग-अलग व्यवसाय में दक्ष हो रहे हैं, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के बाद आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन निर्वाह कर सकें। सालों से लाल आतंक के साए में हिंसा का दंश झेल रहा बस्तर संभाग अब विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। शासन की ओर से नक्सल मुक्त बस्तर घोषित किया जा चुका है। हिंसा की राह त्यागकर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों को सरकार कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रही है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत भानुप्रतापपुर विकासखंड के पास चौगेल (मुल्ला) कैंप में कई सृजनात्मक और रोजगारमूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कभी बीएसएफ का कैंप रहा चौगेल (मुल्ला) का यह कैंप अब हुनर सिखाने वाला गढ़ बन चुका है। यहां पर जिला प्रशासन की ओर से मुख्यधारा में लौटे 40 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अलग-अलग पाठयक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उनकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दी जा रही है। पढ़ने के लिए पाठ्य सामग्री, पुस्तकें, पेन-पेंसिल दिए गए हैं और पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षकों की व्यवस्था भी की गई है। (Surrendered Naxals Learn Skills)

स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से आत्मसमर्पित नक्सलियों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार दवाईयां भी दी जाती हैं। कैंप में मनोरंजनात्मक गतिविधियां जैसे कैरम, वाद्य यंत्र, विभिन्न प्रकार के खेल भी आयोजित किया जाता है। चौगेल पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, वाहन चालक के साथ ही कांकेर में घुड़सवारी का भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में सिलाई मशीन, काष्ठ शिल्प और असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाने के लिए कृषि विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी, पशुधन विकास विभाग के साथ बिहान के एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया है। (Surrendered Naxals Learn SkillsSurrendered Naxals Learn Skills)

पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण के बाद नक्सली पीड़ित और आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने वाला कांकेर पहला जिला बन चुका है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अपने हाथों से तीन नक्सली पीड़ित और एक आत्मसमर्पित नक्सली को निजी क्षेत्र में नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र सौंपा, इनमें पुनर्वासित सगनूराम आंचला और नक्सल पीड़ित रोशन नेताम, बीरसिंह मंडावी और संजय नेताम शामिल थे। इन सभी को निजी फर्म का नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जहां उन्हें 15 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय और अन्य प्रकार की वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। इन्होंने चौगेल कैम्प में असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण प्राप्त किया था और उन्हें निजी क्षेत्र में नियोजित किया गया है।
प्रशिक्षण के बाद रोजगार देने वाला पहला जिला
मुख्यधारा में लौटकर प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्रदान करने के मामले में उत्तर बस्तर कांकेर पहला जिला है। निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए नक्सल पीड़ित बीरसिंह मंडावी ने कहा कि मुल्ला गांव (चौगेल) के कैंप में पुनर्जीवन मिला है, जहां निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल और पारंगत बनाया गया, वहीं प्रशिक्षण के बाद जिला प्रशासन की ओर से रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके ये युवा आज हुनर और मेहनत के दम पर अपनी नई पहचान बना रहे हैं। शासन की पुनर्वास नीति और जिला प्रशासन के प्रयासों से अब उनका जीवन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यधारा में लौटकर ये आत्मसमर्पित नक्सली न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। (Surrendered Naxals Learn Skills)



