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एग्जिट पोल पर विपक्ष का हमला, कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- मिलीभगत से बनाया जा रहा माहौल 

Opposition on Exit Poll: देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणामों से पहले एग्जिट पोल को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने एग्जिट पोल को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे जनता की राय से अलग बताया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एग्जिट पोल के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि कई नेताओं ने भाजपा और सत्तारूढ़ तंत्र पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि असली नतीजे 4 मई को सामने आएंगे और अंतिम फैसला जनता का होगा। कांग्रेस सांसद राजेश ठाकुर ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी एग्जिट पोल और एक्जैक्ट पोल में अंतर दिखेगा। एग्जिट पोल के माध्यम से एक माहौल तैयार किया जाता है। 

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ठाकुर ने आगे कहा कि एग्जिट पोल में कहीं ममता बनर्जी को पहले 44% फिर 40% दिखाया गया। ऐसा लगता है कि सबकी मिलीभगत से ऐसे काम हो रहे हैं। भाजपा का चरित्र लोगों ने देख लिया है, जिस तरह के प्रयास हुए हैं उससे हो सकता है कि थोड़ा बहुत फायदा मिल जाए लेकिन अगर बंगाल के लोगों से उनका मिजाज़ पूछें तो उससे लगता है कि ये पहले से भी कम जाएंगे। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि एग्जिट पोल पर पूरी तरह विश्वास नहीं किया जा सकता है। हमें हर जगह से अच्छी खबर मिल रही है। असम एग्जिट पोल पर विश्वास नहीं होता है। असम में हमारी बहुत नजदीकी लड़ाई है और वहां परिणाम कुछ भी हो सकता है। पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार से सरकारी तंत्र का इस्तमाल किया गया है, वो चिंताजनक है और देश के लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। वहां केंद्र सरकार की ओर से पूरी ताकत लगाई गई है।

अच्छे दिन की जगह बुरे दिन आ गए: मनोज कुमार

कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने कहा कि ये एग्जिट पोल है, एग्जेक्ट पोल नहीं है, जो जनता ने निर्णय किया होगा, उसकी सरकार बनेगी, क्योंकि इस देश का मालिक जनता है इस देश का मालिक न आप हैं न हम। असम के नाज़िरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार देबब्रत सैकिया ने कहा कि मैं एग्जिट पोल पर ध्यान नहीं रखता, लेकिन मुझे यह पता है कि इस बार भाजपा को आम आदमी ने वोट नहीं दिया है। चुनाव मुद्दों पर लड़ा जाता है, भाजपा ने हमें 10 साल का विजन दस्तावेज दिया था, उसमें जो वादे थे उसमें से कोई वादा उन्होंने नहीं निभाया। अच्छे दिन की जगह बुरे दिन आ गए। महंगाई की मार है। बेरोजगारी के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया और जो भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा था, उसका भी कुछ नहीं हुआ। पहले से ज्यादा भ्रष्टाचार है। मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि अप्रैल तक जुबीन गर्ग को न्याय मिलेगा, वे यह भी नहीं कर पाए। असम के लोगों के पास ऐसी कोई वजह नहीं है, जिससे वे दोबारा भाजपा को चुनें।

भाजपा के पास ज्यादा वोट जाएगा: अधीर रंजन

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सत्ता विरोधी लहर सारी विपक्षी पार्टियों के बीच बंट गई। इसमें TMC कहां किस तरह आएगी यह इतना जल्दी बताना मुश्किल है, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि TMC के खिलाफ बहुत ज्यादा मतदान हुआ है, लेकिन यह वोट सभी विपक्षी पार्टियों में बंट गए हैं, कहीं भाजपा, कहीं कांग्रेस, कहीं CPI(M), कहीं हुमायूं कबीर की पार्टी, कहीं ISF, लेकिन विपक्ष में भी भाजपा के पास ज्यादा वोट जाएगा, यह मेरा मानना है।

Congress MP Adhir Ranjan
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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को ज्यादा वोट मिले हैं। सत्ता विरोधी लहर थी, लेकिन विपक्ष में वोटों का बंटवारा हुआ है। सारे वोट एक विपक्ष के पास नहीं गए हैं। विपक्ष में कई पार्टियां थीं कांग्रेस, CPI(M), भाजपा आदि। हमें देखना पड़ेगा कि विपक्ष ममता बनर्जी को टक्कर दे पाता है या नहीं। विपक्ष में वोट का एक बड़ा हिस्सा भाजपा को मिला है। कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि जमीनी हकीकत वो नहीं है जो दिखाई जा रही है। वोटर्स खामोश थे। ये जरूर है कि TMC सरकार के खिलाफ विरोधी लहर थी, लेकिन जो उनकी कल्याणकारी योजनाएं हैं उसके बाद लोग TMC से कितने भी नाराज रहेंगे, लेकिन वोट उन्हें ही देंगे।

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उन्होंने कहा कि हमारा जो एकल मूल्यांकन है उसके अनुसार तृणमूल कांग्रेस फिर से वहां उभरकर आ रही है, जितना दावा किया जा रहा है या बताया जा रहा है, मुझे नहीं लगता कि ये जमीनी हकीकत से मेल खाता है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम लोगों के पोल पर विश्वास करते हैं, एग्जिट पोल पर नहीं। हम सब 4 मई का इंतजार कर रहे हैं, अच्छे नतीजे आएंगे। केरलम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम, पश्चिम बंगाल में अच्छे नतीजे आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी को हम 4 तारीख को बताएंगे कि उनकी आकांक्षा क्या है और असल में क्या होने वाला है। (Opposition on Exit Poll)

4 मई को चौंकाने वाले परिणाम देखेंगे: प्रियांक 

ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग भाजपा ने सारे राज्यों में किया है, लेकिन असम और बंगाल में भयंकर किया है, जनता न्याय करेगी। महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने कहा कि जब भी भाजपा को कोई गेम खेलना होता है तो वे ‘गोदी’ मीडिया के जरिए ऐसे एग्जिट पोल करवाते हैं। हमने कई राज्यों के चुनावों में यह देखा है और यह गेम चीफ इलेक्शन कमिश्नर के जरिए खेला जाता है। भाजपा तभी जीत सकती है, जब वह अपनी गुंडागर्दी से जीते। वहां के लोग ममता बनर्जी के साथ हैं। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि एग्जिट पोल पहले भी गलत साबित हुए हैं, कर्नाटक उदाहरण है कि कैसे विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत दिखाई गई थी, जो भाजपा इतनी खुश है, वह इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग, चुनाव आयुक्त उनकी तरफ हैं, लेकिन 4 मई को आप चौंकाने वाले परिणाम देखेंगे।

एग्जिट पोल सट्टा से ज्यादा कुछ नहीं: सांसद झा 

RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि एग्जिट पोल को मैं सट्टा से ज्यादा कुछ नहीं समझता। मैं 4 तारीख का इंतजार करूंगा और देखूंगा कि क्या नतीजे आते हैं। मतदान प्रतिशत बहुत ध्यान से देखने की आवश्यकता है। अभी-अभी ट्रिब्युनल में लाखों केस लंबित हैं। अगर उनमें से कई हजार अब जोड़े जाएंगे तो उनके वोट की जिम्मेदारी किसपर है? इस लोकतंत्र में जिम्मेदारी का कोई मतलब नहीं रहा। असम के AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने कहा कि एग्जिट पोल एक्जैक्ट पोल नहीं होता। 4 तारीख तक असल नतीजों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कुछ हजार लोगों की राय लेकर यह तैयार किया जाता है। कभी-कभी यह बिल्कुल सही, कभी-कभी यह बिल्कुल विपरीत होता है। इसलिए मैं एग्जिट पोल को एकदम सटीक नहीं मानता और न ही इसे पूरी तरह नकारता हूं। हमें 4 तारीख तक इंतजार करना होगा। 

बंगाल में ममता बनर्जी को जीतना चाहिए: माता प्रसाद

रफीकुल इस्लाम ने आगे कहा कि असम के सिलसिले में मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा, मुझे लगता है कि NDA और नॉन NDA में कांटें की टक्कर होगी, जहां तक हमारी बात है, मुझे लगता है कि AIUDF को 12 सीटें मिलेंगी। बंगाल की बात करें तो 2 को छोड़कर बाकी सबने NDA को बहुमत दिया है। मुझे नहीं लगता कि वहां ऐसा होगा, मुझे ऐसा लगता है कि वहां फिर से दीदी आएंगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडे ने पश्चिम बंगाल चुनाव पर कहा कि भाजपा वाले लोकसभा चुनावों में भी 400 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रहे थे, लेकिन वो गलत साबित हुए और उन्हें सिर्फ 240 सीटें मिलीं। बंगाल में ममता बनर्जी को जीतना चाहिए। (Opposition on Exit Poll)

सभी को नतीजों का इंतजार है: आनंद दुबे

शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने कहा कि पांचों राज्यों के चुनाव बहुत अच्छे से संपन्न हो गए हैं, सभी को नतीजों का इंतजार है। ऐसे ही 2024 में एग्जिट पोल आए थे, ‘अबकी बार 400 पार’, लेकिन जब नतीजे आए तो भाजपा का रथ 240 पर रुक गया, बाद में TDP, JDU के साथ सरकार बनी। हमें इंतजार करना चाहिए, क्योंकि असम में भाजपा कई सालों से थी, लेकिन बंगाल की लड़ाई कांटे की है, केरलम में भाजपा के लिए कुछ नहीं है, हमें लगता है कि वहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की शायद सरकार बने। तमिलनाडु में नई पार्टी TVK, DMK और AIADMK दोनों पर भारी पड़ रही है। हमें लगता है कि एग्जिट पोल से बहुत ज्यादा खुश या निराश होने की आवश्यकता नहीं है। तमिलनाडु के मदुरै उत्तर विधानसभा क्षेत्र से AIADMK उम्मीदवार पी. सरवनन ने कहा कि कई मीडिया संस्थान DMK के समर्थन में हैं, जबकि बड़े सर्वे AIADMK को आगे दिखा रहे हैं। धरातल पर वोटिंग बहुत ज्यादा थी।

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