नगरीय निकायों के कार्यों में आई कसावट, डिप्टी CM साव ने आयुक्तों और CMO को दिए थे निर्देश

inspection of Urban Bodies: डिप्टी CM और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की विभागीय समीक्षा बैठकों में आयुक्तों समेत मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को दिए निर्देशों का असर दिखने लगा है। दरअसल, साव ने रोज सुबह भ्रमण कर कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए थे, जिसके बाद फरवरी-2024 से सभी नगर निगमों के आयुक्त और नगर पालिकाओं समेत नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वार्डों का सुबह भ्रमण कर रोज सफाई, निर्माण कार्यों समेत योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इससे डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रोड स्वीपिंग, एस.एल.आर.एम. सेंटर्स कम्पोस्ट शेड, प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के कैंपों के आयोजन, पार्क और तालाबों के साथ-साथ सड़कों के निर्माण, जल प्रबंधन, नाली सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, अमृत मिशन के तहत पाइलाइन बिछाने और जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों में तेजी आई है।
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निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रोज सुबह छह बजे से वार्डों के भ्रमण और निरीक्षण शुरू करने के बाद साफ-सफाई और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में लगातारा सुधार भी दिखाई दे रहा है। साव नगरीय निकायों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर लगातार जोर दे रहे हैं। उन्होंने शहरों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-हितैषी बनाने के साथ ही योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। डिप्टी CM साव ने नगरीय निकायों के कार्यों में कसावट लाने, कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग और निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह वार्डों का भ्रमण करना सुनिश्चित करने को कहा था। (inspection of Urban Bodies)

डिप्टी CM अरुण साव के उनके निर्देश के बाद योजनाओं के बेहतर संचालन और गुणवत्ता में सुधार लाने निकायों के अधिकारियों द्वारा नियमित फील्ड विजिट किया जा रहा है। इससे सभी निकायों में जी.वी.पी. (Garbage Vulnerable Points) में कमी पाई गई है। साथ ही निकायों की सफाई व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अधिकारियों द्वारा रोजाना वार्डों में निरीक्षण के बाद से योजनाओं के प्रदर्शन और मूल्यांकन समेत महत्वपूर्ण समस्याओं की पहचान के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार के लिए मानकों के निर्धारण में सहयोग प्राप्त हो रहा है। इससे नगरीय निकायों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी हो रहा है। (inspection of Urban Bodies)



