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आज कैपेबिलिटी और कॉन्फिडेंस दोनों हमारे पास है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM on India Steel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और ‘इंडिया स्टील 2025’ सम्मेलन के छठे संस्करण को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। साथ ही कहा कि आज और अगले दो दिन हम भारत के सन राइज सेक्टर, स्टील सेक्टर के सामर्थ और उसकी संभावनाओं पर व्यापक चर्चा करने वाले हैं। एक ऐसा सेक्टर जो भारत की प्रगति का आधार है, जो विकसित भारत की मजबूत नींव है और जो भारत में बड़े बदलाव की नई गाथा लिख रहा है। मैं आप सभी का इंडिया स्टील 2025 में अभिनंदन करता हूं। मुझे विश्वास है यह आयोजन नए सुझाव साझा करने के लिए, नए पार्टनर बनाने के लिए और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक नए लॉन्च पैड का काम करेगा। 

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PM मोदी ने कहा कि यह स्टील सेक्टर में एक नए अध्याय की शुरूआत का आधार बनेगा। आज भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी को सिद्ध करने में जुटा है और इस लक्ष्य को साधने में स्टील सेक्टर की भी भूमिका कम नहीं है। हमें गर्व है कि आज भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक बन चुका है। हमने ‘नेशनल स्टील पॉलिसी’ के तहत 2030 तक 300 मिलियन टन का उत्पादन तय किया है। आज हमारी स्टील इंडस्ट्री अपने भविष्य को लेकर नए भरोसे से भरी हुई है, क्योंकि आज देश के पास पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान जैसा आधार है। PM गति शक्ति के जरिए अलग अलग यूटिलिटी सर्विस को लॉजिस्टिक मोड को इंटीग्रेट किया जा रहा है। देश के माइन एरिया और इस्पात इकाइयों को बेहतर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए मैप किया जा रहा है। (PM on India Steel)

हाई ग्रेड स्टील के आयात पर निर्भर रहा: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने तय किया है कि सरकारी इमारतों के निर्माण में मेड इन इंडिया स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा। ये प्रयास इस बात को उजागर करते हैं कि सरकार से जुड़ी पहल इमारत निर्माण और बुनियादी ढांचे में स्टील की खपत में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से हैं। स्टील कई अन्य क्षेत्रों में भी एक प्राथमिक घटक है। यही कारण है कि स्टील उद्योग से जुड़ी हमारी नीतियां अन्य उद्योगों को भी वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बना रही हैं। भारत लंबे समय तक हाई ग्रेड स्टील के आयात पर निर्भर रहा है। डिफेंस और स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स के लिए इस स्थिति को बदलना जरूरी था। हमें गर्व होता है कि भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर को बनाने के जिस स्टील का इस्तेमाल हुआ है, वो भारत में बना है। हमारे ऐतिहासिक चंद्रयान मिशन की सफलता में भारतीय स्टील का सामर्थ्य जुड़ा है। आज कैपेबिलिटी और कॉन्फिडेंस दोनों हमारे पास है। (PM on India Steel)

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