Google Analytics —— Meta Pixel

High Court divorce decision: तलाक के बाद भी एक ही घर में रहेंगे पति-पत्नी, हाईकोर्ट में 6 शर्तों पर समझौता, खर्च और रहन-सहन के नियम तय

High Court divorce decision: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पति-पत्नी ने आपसी विवाद के चलते तलाक का रास्ता चुना, लेकिन हाईकोर्ट की पहल पर दोनों ने समझौता कर लिया। अब वे तलाक के बाद भी एक ही मकान में अलग-अलग मंजिलों पर रहेंगे और खर्च साझा करेंगे। हाईकोर्ट ने इस समझौते को मंजूरी देते हुए फैमिली कोर्ट की तलाक की डिक्री को रद्द कर दिया।

यह भी पढ़ें :- Bilaspur Lawyer Rape Case: रेप पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाकर वकील ने किया दुष्कर्म

लंबे समय से विवाद के बाद मामला फैमिली कोट पहुंचा

दुर्ग निवासी दंपती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंचा। 9 मई 2024 को फैमिली कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत तलाक की डिक्री पारित की थी। पत्नी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की। सुनवाई के दौरान ही पति-पत्नी के बीच 6 बिंदुओं पर आपसी सहमति बनी। (High Court divorce decision)

स्वतंत्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से किया समझौता

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने कहा कि यह समझौता विवाह में एकता और स्वतंत्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। अदालत ने 1 मई 2025 को प्रस्तुत किए गए एग्रीमेंट को स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। (High Court divorce decision)

समझौते के प्रमुख बिंदु :-

  • दोनों एक ही मकान में रहेंगे—पति ग्राउंड फ्लोर और पत्नी फर्स्ट फ्लोर पर।
  • बिजली, पानी, संपत्ति कर और रखरखाव जैसे खर्च दोनों बराबर बांटेंगे।
  • व्यक्तिगत बैंक खाता, वेतन, पेंशन और आय में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
  • कोई भी फ्लोर पर निर्माण कार्य करेगा तो 30 दिन पहले सूचना देनी होगी।
  • पति पत्नी को हॉस्पिटल मेडिकल सुविधा के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा, जबकि खर्च पत्नी वहन करेगी।
  • दोनों को यात्रा, सामाजिक जीवन और स्वतंत्र संबंध रखने की आजादी होगी।
  • कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई पक्ष समझौते की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो दूसरा पक्ष फिर से न्यायालय का रुख कर सकता है। (High Court divorce decision)
Back to top button
error: Content is protected !!