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ममता बनर्जी के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, कहा- लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में हम दीदी के साथ

Akhilesh Meet Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सियासत और गरमा गई है। कोलकाता में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनाव में बेईमानी के आरोप लगाए। वहीं भाजपा ने इस मुलाकात को हारे हुए नेताओं की बैठक करार देते हुए तीखा पलटवार किया है। चुनाव नतीजों के बाद अब बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कल कोलकाता में TMC प्रमुख ममता बनर्जी और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की।

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सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल में जो हुआ है, वो लोकतंत्र को नष्ट करने का रास्ता निकाला है। लोकतंत्र को इतना नुकसान किसी ने नहीं पहुंचाया होगा, जितना भाजपा ने पहुंचाया है। भाजपा की आंखों में दीदी खटकती हैं। ये नारी को कभी बढ़ते हुए नहीं देख सकते। यहां मतदान हुआ जरूर है, लेकिन लोगों ने अपनी इच्छा से कम दबाव में ज्यादा मतदान किया है। उन्होंने आगे कहा कि जिस समय निष्पक्ष चुनाव हुआ, दीदी यहां की मुख्यमंत्री बनी। आज हम सब को मिलकर चुनाव में जो बेईमानी हुई है, उसके खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। भाजपा ने जो उत्तर प्रदेश में बेईमानी की वो उनका एक ट्रायल था और उससे सीखकर उन्होंने पश्चिम बंगाल का पूरा चुनाव लूट लिया। केंद्रीय बल, चुनाव आयोग, ट्रांसफर पोस्टिंग के माध्यम से एक सिस्टम बनाया गया और उन्हें निर्देश दिए गए कि आपको चुनाव हराना है।

हम इस लड़ाई में दीदी के साथ हैं: अखिलेश

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हम इस लड़ाई में दीदी के साथ हैं, क्योंकि लोकतंत्र को बचाना है। भाजपा सत्ता के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है। कोई भी कानून तोड़ सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि बंगाल में जो हुआ है उसके बाद देश की जनता जाग जाएगी। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि देश की आधी आबादी मतलब महिलाओं की सबसे बड़ी प्रबल और प्रतिष्ठित प्रतिनिधि से मिलकर आज संघर्ष की राजनीति को नई ऊर्जा और नई ऊंचाई मिली है। दीदी ने हमेशा दिल जीते हैं, यही उनकी शाश्वत विजय है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि पश्चिम बंगाल आकर चुनाव की महाधांधली और महाबेईमानी के बारे में जानकर ये लगा कि अब बात केवल चुनाव की प्रक्रिया को बचाने की नहीं है, देश को बचाने की है। आज देश उन गलत हाथों में चला गया है, जो संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, स्वतंत्रता, समता-समानता, न्याय, गरिमा, देश की एकता-अखंडता, सद्भाव-सौहार्द-बंधुत्व, महिलाओं के मान-सम्मान, युवाओं, किसानों, मज़दूरों, शोषित, वंचित, गरीब कुल मिलाकर पीड़ित-पीडीए के वर्तमान-भविष्य के हक और अधिकारों के घोर विरोधी हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपाई और उनके मुखबिर संगी-साथी आजादी से पहले भी देश के विरोधी थे और आजादी के बाद भी हैं। अब देशवासियों को ये समझना है कि देश की एकता और व्यवस्था को भंग करके कमजोर करने वाले ये लोग किसके एजेंट हैं ? ⁠स्वदेशी की बात करके विदेश से पैसा लेने वाले ये लोग कौन हैं? ⁠⁠ये अनरजिस्टर्ड क्यों हैं और अंडरग्राउंड क्यों रहते हैं? ⁠ये कोविड के नाम पर जनता से जमा किए चंदे का हिसाब क्यों नहीं देते हैं? ⁠ये भ्रष्टाचार को बढ़ाकर देश को बर्बाद क्यों कर रहे हैं? ये देश की तरक्की के लिए योजना बनाने वाले ‘योजना आयोग’ को समाप्त करके देश के विकास को खत्म करने की चाल क्यों चल रहे हैं? ⁠ये शिक्षा पर कब्जा करके देश की मानसिक शक्ति को खोखला क्यों कर रहे हैं? 

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि ⁠ये सरकारी स्कूलों को बंद करके आम जनता के बच्चों को अनपढ़ रखने का षड्यंत्र क्यों कर रहे हैं?  ⁠नोटबंदी से छोटे कारोबार के खात्मे की साजिश क्यों करी? ⁠नोटबंदी घोटाले में बैंकिंग व्यवस्था को नोट बदलने के नाम पर भ्रष्ट क्यों किया? ⁠जीएसटी को जानबूझकर उलझाऊ और भ्रष्ट बनाकर ये देश की अर्थव्यवस्था को चौपट क्यों कर रहे है? ⁠ये अपने लोगों को पैसा जमाकर करके बाहर क्यों भेज देते हैं? ⁠विश्वगुरु का दावा करने वाले विश्व के विभिन्न देशों में भाग गए, देश के लुटेरों को ये लोग वापस क्यों नहीं ला रहे हैं? ⁠ये साम्प्रदायिकता का जहर फैलाकर देश की एकता को क्यों तोड़ना चाहते हैं? ⁠राजनीतिक दलों को तोड़कर ये लोग देश की राज-व्यवस्था को नेस्तनाबूद करने पर क्यों आमादा है? अब वो निर्णायक समय आ गया है, जब हम सबको मिलकर इन देश विरोधी नकारात्मक ताकतों को हमेशा के लिए हराना होगा, देश को बचाना होगा और देश की नई आजादी के लिए तिंरगा उठाना होगा।

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जैसे सोची समझी साजिश के तहत भाजपा और चुनाव आयोग गठजोड़ करके चुनाव करवा रहे हैं, उसमें तो कोई चुनाव जीत ही नहीं सकता, जिस तरह से बिहार का चुनाव हुआ उसी पैटर्न पर बंगाल में ममता बनर्जी को बाहर किया गया। निचले स्तर का कोई व्यक्ति ऐसा नहीं कह रहा था कि वे चुनाव हार सकती हैं। उनकी अपनी सीट पर उन्हें हराया गया, जो तांडव हो रहा है, मूक दर्शक होकर भारत सरकार उसे देख रही है, लोग देख रहे हैं, तो ये क्या है? नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव परिणाम पर कहा कि ममता बनर्जी, अखिलेश यादव समेत सभी विपक्षी नेता सवाल उठा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वे अब इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे और सुप्रीम कोर्ट इस पर अपना फैसला देगा। इधर, अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात पर पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि शून्य प्लस शून्य इज इक्वल टू शून्य होता है। शून्य घटा शून्य का परिणाम भी शून्य ही होता है।

क्या बंगाल में कभी सचमुच लोकतंत्र था ?: दिलीप घोष

इस पर भाजपा नेता सुभाष सरकार ने कहा कि दो चोर डाकू एक साथ आए हैं। वे देश के लिए काम नहीं करते, वे हमेशा भ्रष्टाचार से जुड़े रहे हैं। भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि क्या बंगाल में कभी सचमुच लोकतंत्र था ? इतनी बड़ी पुलिस फोर्स क्यों बुलाई गई? ममता बनर्जी बार-बार अदालतों का सहारा क्यों लेती हैं ? अखिलेश यादव पहले भी यहां आ चुके हैं। ममता बनर्जी को हराने के बाद ही गए और अब यहां बचा क्या है ? दीदी भ्रम में हैं और लोग आकर उन्हें हवा देकर जा रहे हैं, यह वे समझ नहीं पा रही हैं। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा कि लड़ाई का एक तरीका होता है। आप हार गए। जनता आपको भूल गई। ममता बनर्जी जानती है कि उनकी पार्टी नहीं रहेगी, क्योंकि उनकी उम्र हो गई है। अखिलेश के ममता बनर्जी के बारे में दिए गए बयान पर भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि ममता बनर्जी जुझारू नहीं हैं। ममता बनर्जी शत प्रतिशत जुझारू हैं, लेकिन लड़ने का एक तरीका होता है। एक तरीका है सत्ता में आने के लिए लड़ना। वह अलग बात थी। और आज, जब उन्होंने सत्ता में आने का मौका गंवा दिया है तो हम उन्हें जुझारू नहीं कह सकते, जिसे जनता भूल चुकी हो, वह जुझारू कैसे हो सकती है ? (Akhilesh Meet Mamata Banerjee)

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