सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से मचा बवाल, सांसद मनोज झा बोले- लोकतंत्र की छवि को दुनिया में बदनाम करती है हिंसा

Murder of Suvendu PA: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद सियासी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस बीच भाजपा के साथ ही टीएमसी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और AIMIM समेत तमाम दलों के नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह एक नृशंस हत्या है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम चाहते हैं कि इस केस में सख्त कार्रवाई हो। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव के बाद हुई हिंसा का ही एक हिस्सा है। बड़ानगर में जो हिंसा हो रही है, उसे लेकर हमने समिक भट्टाचार्य से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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TMC नेता गौतम देब ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि एक युवक और वह भी जो वायु सेना का कर्मचारी था, उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम एक विशेष जांच की मांग करते हैं, ताकि पता चल सके कि अपराधी कौन हैं और उनका इरादा क्या था। बंगाल में इस तरह का खून-खराबा देखकर मैं बहुत स्तब्ध हूं। यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का मामला नहीं है। इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, इसकी जांच किसी स्वतंत्र संस्था या पुलिस की ओर से करवाई जाए, ताकि पता चल सके कि इसके पीछे कौन लोग हैं। TMC नेता संदीपन साहा ने कहा कि मैं इस घटना की निंदा करता हूं। समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, सबको जिम्मेदारी लेनी होगी कि हिंसा बंद हो, जिसने भी यह काम किया है उसे कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए।
हमारे पार्टी दफ्तरों पर कब्जा किया जा रहा: संदीपन
उन्होंने आगे कहा कि हिंसा हो रही है। हमारे पार्टी दफ्तरों पर कब्जा किया जा रहा है। चुनाव में जीत-हार होती रहेगी, लेकिन जो हारेगा उस पर इस तरह विपत्ति आ जाएगी, यह संस्कृति बंगाल से जानी चाहिए। चाहे वह कोई भी करे। RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है ? अलग-अलग हिंसा की वारदातों में कई जानें चली गई। पक्ष-विपक्ष सबको सोचना होगा। हमारे लोकतंत्र को यह छवि दुनिया भर में बदनाम करती है। मैं उम्मीद करता हूं कि अपराधियों को सजा हो और सामान्य स्थिति समय की मांग है। अयोध्या से समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह दुखद और दर्दनाक घटना है। इस तरह की घटनाओं पर फौरी तौर पर रोक लगानी चाहिए। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। कानून व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। सरकार भाजपा की बन गई है तो मैं उम्मीद करता हूं कि वे कानून-व्यवस्था कायम करें और शांति का वातावरण कायम हो।
सरकार बदली, लेकिन हालात नहीं बदले: अधीर रंजन
सांसद प्रसाद ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि अराजक तत्वों को शांति भंग करने का मौका न मिले। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बंगाल में कानून की हालत देखिए, यहां गुंडागर्दी कोई नई बात नहीं है। दरिंदों के पनपने के लिए यह सबसे अच्छी जगह मानी जाती है, चुनाव के नतीजों के बाद जब लोग शांति की उम्मीद कर रहे थे, तब भी हम खून-खराबा होते देख रहे हैं। नई सरकार को यह देखना चाहिए, भाजपा की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि बंगाल में भय का माहौल नहीं रहेगा, लेकिन बंगाल भाजपा के कद्दावर नेता के PA की ही हत्या हो जाती है, इसका मतलब है कि बंगाल जहां था वहीं है। सरकार बदली, लेकिन हालात नहीं बदले। दोषी को सख्त से सख्त सजा हो और सभी को पता होना चाहिए कि दरिंदे किस पार्टी से है। यह बहुत दर्दनाक घटना है, अपराधी को सजा होनी चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए। (Murder of Suvendu PA)
खून-खराबा और हिंसा कोई समाधान नहीं: माथेर
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि खून-खराबा और हिंसा कोई समाधान नहीं है। यह वह विचारधारा नहीं है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सिखाई थी। स्थिति चाहे जो भी हो, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। परिवार को न्याय मिलना ही चाहिए। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक जो थे वो एक अच्छा लड़का था। मेरा उसके साथ परिचय था, जिन्होंने उनकी हत्या की उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए और जांच करना चाहिए। साथ ही सजा दिलाना चाहिए। AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि मैं हर तरह की हिंसा का निंदा करता हूं, करता था और करता रहूंगा। किसी को भी किसी की जान लेना का अधिकार नहीं है। सबको कानून का पालन करना है, वहां पर जो भी हिंसा हो रही है उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उनको जेल में डालना चाहिए। जनता का जो जनादेश है वो सबको मानना पड़ेगा। हिंसा नहीं होनी चाहिए।



