Google Analytics —— Meta Pixel

अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी

केंद्र की अधिसूचना जारी, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद मिला कानूनी दर्जा

अमरावती। आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर आखिरकार विराम लग गया है। केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर अमरावती को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही राजधानी को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है।

यह भी पढ़े :- बस्तर 2.0 की शुरुआत: सीएम साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण

यह फैसला उस समय आया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी प्रदान की। इस मंजूरी के साथ ही अमरावती को औपचारिक रूप से कानूनी दर्जा मिल गया, जो राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे राज्य की जनता की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा की पूर्ति बताया। उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भी धन्यवाद दिया।

नायडू ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के लोगों की भावनाओं और संघर्ष की जीत है। उन्होंने इस मुद्दे पर समर्थन देने वाले सांसदों, नेताओं और नागरिकों का आभार जताया।

तीन राजधानियों के विवाद पर लगा विराम

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में राजधानी को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए थे और तीन राजधानियों का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। ऐसे में केंद्र के इस फैसले से अब स्थिति स्पष्ट हो गई है और प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता आने की उम्मीद है।

किसानों के योगदान को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने अमरावती के किसानों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनके त्याग और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने इसे “आंध्र प्रदेश की जनता की ऐतिहासिक जीत” बताया।

इस फैसले के बाद अमरावती को राज्य के विकास और प्रशासनिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

Back to top button
error: Content is protected !!