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भारत और साउथ कोरिया मिलकर लिखेंगे अगले दशक की सक्सेस स्टोरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM Modi on South Korea: भारत दौरे पर पहुंचे साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। साथ ही भारत और दक्षिण कोरिया के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे राष्ट्रपति ली जे म्युंग का उनके पहले भारत दौरे पर स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। राष्ट्रपति ली का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। हर चुनौती ने जनसेवा के उनके संकल्प को और सशक्त किया है। भले ही यह उनका भारत का पहला दौरा है, लेकिन भारत के प्रति उनका लगाव हमारी पहली मुलाकात से ही स्पष्ट रहा है।

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PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का यह भारत दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोकतांत्रिक मूल्य, मार्केट इकॉनमी और कानून के राज का सम्मान हम दोनों देशों के DNA में है। इंडो-पैसिफिक रीजन में भी हमारा नजरिया एक जैसा है। इन सबके आधार पर पिछले एक दशक में हमारे संबंध और भी मजबूत और व्यापक हुए हैं और आज राष्ट्रपति ली के दौरे से हम इस भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य की साझेदारी में बदलने जा रहे हैं। हम चिप्स से लेकर जहाजों तक, टैलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी तक, पर्यावरण से लेकर एनर्जी तक, हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे और साथ में दोनों देशों की तरक्की और खुशहाली पक्की करेंगे। (PM Modi on South Korea)

PM मोदी ने कहा कि हम अगले दशक की सक्सेस स्टोरीज़ की नींव रख रहे हैं। AI, सेमीकंडक्टर और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में साझेदारी को गहरा करने के लिए इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहे हैं। हम शिपबिल्डिंग, सस्टेनेबिलिटी, स्टील और पोर्ट्स जैसे एरिया में MoUs साइन कर रहे हैं। कल्चरल और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज में सहयोग से हम फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग में भी नए आयाम स्थापित करेंगे। आज का बिजनेस फोरम इन मौकों को ठोस नतीजों में बदलने का मंच बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। आज हमने 2030 तक इसे 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। दोनों देशों के बीच वित्तीय प्रवाह को सुगम बनाने के लिए हमने भारत-कोरिया वित्तीय मंच की शुरुआत की है।

उन्होंने कहा कि व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए हमने एक औद्योगिक सहयोग समिति का गठन किया है। महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग बढ़ाने के लिए हम आर्थिक सुरक्षा वार्ता शुरू कर रहे हैं। कोरियाई कंपनियों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के भारत में प्रवेश को सुगम बनाने के लिए हम कोरियाई औद्योगिक टाउनशिप की स्थापना करेंगे और अगले एक वर्ष के भीतर भारत-कोरिया व्यापार समझौते को भी उन्नत करेंगे। PM मोदी ने कहा कि आज K-pop और K-ड्रामा भारत में बहुत पॉपुलर हो रहे हैं। इसी तरह, कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है। हमें खुशी है कि राष्ट्रपति ली खुद भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं। इस कल्चरल कनेक्ट को मजबूत करने के लिए हम 2028 में भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित करेंगे। हम आने वाले दशक की सफलताओं की नींव रख रहे हैं। हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत-कोरिया डिजिटल सेतु का शुभारंभ कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम जहाज निर्माण, सतत विकास, इस्पात और बंदरगाहों जैसे क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों में सहयोग के माध्यम से हम फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित करेंगे। आज का व्यापार मंच इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने का एक मंच प्रदान करेगा। वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। हमें बेहद खुशी है कि आज कोरिया अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हम अपने संयुक्त प्रयासों के माध्यम से एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण में अपना योगदान जारी रखेंगे। हम इस बात से भी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक हैं। लगभग सौ साल पहले, भारत के महान कवि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कोरिया को पूर्व का दीपक कहा था और आज, कोरिया 2047 तक एक विकसित भारत के हमारे संकल्प को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। आइए, अपनी साझेदारी के माध्यम से न केवल दोनों देशों बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें।

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