Axiom-4 Mission: तीसरी बार स्थगित हुआ एक्सिओम मिशन-4, जानें नई लॉन्च तारीख और अंतरिक्ष में भारत कब लगाएगा एक लंबी छलांग
Axiom-4 Mission: भारत के मानवयुक्त Axiom-4 Mission को एक बार फिर से झटका लगा है। खराब मौसम के चलते इसकी लॉन्चिंग को एक बार फिर से टाल दिया गया है। अब प्रक्षेपण का नया समय 11 जून को शाम 5:30 बजे रखा गया है, पहले यह 10 जून के लिए निर्धारित था। इसरो अध्यक्ष डॉ.वी.नारायणन ने इसकी जानकारी दी। एक्सिओम मिशन 4 में चार देशों के चार एस्ट्रोनॉट 14 दिन के लिए स्पेस स्टेशन जाने वाले हैं।
बता दें कि Axiom-4 Mission के तहत पहली बार किसी भारतीय अंतरिक्ष यात्री को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजने की योजना बनाई गई है। भारत की तरफ से अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उनके साथ मिशन कमांडर पेगी व्हिटसन (अमेरिका), मिशन विशेषज्ञ तिबोर कापू (हंगरी), पोलैंड के स्लावोस वुजनांस्की-विस्नेव्स्की (मिशन विशेषज्ञ) और यूरोपीय स्पेस एजेंसी के वैज्ञानिक भी शामिल होंगे।
शुभांशु ISS पर जाने वाले पहले भारतीय होंगे
इस मिशन में भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। शुभांशु ISS पर जाने वाले पहले और स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे। ऐसे में ISS जाने से पहले शुभांशु शुक्ला ने फुल ड्रेस रिहर्सल की। शुभांशु का कहना है कि वो बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्हें इस मिशन का हिस्सा बनने का मौका मिला है।
फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से भरी जाएगी उड़ान
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के लिए कंपनी ‘स्पेसएक्स’ के फाल्कन-9 रॉकेट को मंगलवार शाम को अमेरिका में फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर (KSC) से उड़ान भरनी थी। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा, ‘मौसम की स्थिति के कारण, भारतीय गगनयात्री को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजने के लिए एक्सिओम-4 मिशन का प्रक्षेपण 10 जून 2025 के बजाय 11 जून 2025 के लिए स्थगित कर दिया गया है। लॉन्चिंग का नया समय 11 जून 2025 को (भारतीय समयानुसार) शाम 5:30 बजे है।’
मिशन का महत्व:
यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए पहली बार ISS पर अपने अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने का अवसर है, जो इन देशों की दूसरी मानव अंतरिक्ष उड़ान होगी।
शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट होंगे, और उनके साथ कमांडर पेगी व्हिटसन (USA), मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोश उज्नांस्की-विस्निएव्स्की (पोलैंड), और टिबोर कपु (हंगरी) होंगे।
यह मिशन भारत के गगनयान कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करेगा, जो 2027 में लॉन्च होने वाला है।
Ax-4 मिशन में 31 देशों की भागीदारी के साथ लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिसमें ISRO द्वारा विकसित सात प्रयोग और NASA के सहयोग से पांच अन्य शामिल हैं।



