बिहार में BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कांग्रेस ने कहा- बिहार में अब पलटीमार नहीं…लाठीमार सरकार है

BPSC Candidates Lathi Charge: बिहार के पटना पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे BPSC TRE-3 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया, जिसे लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने कहा कि बिहार में युवा नौकरी मांग रहे थे। BPSC को लेकर उनकी कुछ शिकायतें थी, जिसे लेकर वो मुख्यमंत्री से मिलना चाह रहे थे। JDU-BJP की सरकार को ये बात हजम नहीं हुई और फिर युवाओं को लाठियों से पिटवाया गया। ये है बिहार की हकीकत, जहां नौकरी मांगने पर युवाओं को लाठियां मिलती हैं। शर्मनाक।
यह भी पढ़ें:- जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, 3 सुझाव भी दिए
घटना को लेकर NSUI इंचार्ज कन्हैया कुमार ने नई दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पटना में बिहार के अभ्यर्थियों पर पुलिस ने फिर से बर्बर लाठीचार्ज किया है। यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई बार अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया है। यह सब इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि डबल इंजन की फर्जी सरकार अहंकार में है। बिहार में नौकरियों का अंबार होना चाहिए, लेकिन वहां लाठियों की बौछार है। प्रदेश में बेरोजगारी दर, देश के बेरोजगारी दर से ज़्यादा है और ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगारी तो और भी चिंताजनक है। (BPSC Candidates Lathi Charge)
बिहार में लगभग 4 लाख पद खाली: कांग्रेस
कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रदेश में छात्र अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए बहुत ही अमानवीय स्थिति में रहते हैं और संघर्ष करते हैं, लेकिन जब नौकरी का नंबर आता है तो उनके साथ अन्याय होता है। बिहार में छात्रों की मांग को सुना तक नहीं जाता। उनके साथ BPSC द्वारा लगातार अन्याय होता है। बिहार में लगभग 4 लाख पद खाली हैं और 2 लाख पद अकेले शिक्षा के क्षेत्र में खाली हैं। पटना में छात्रों पर जो लाठीचार्ज हुआ है, हमारे लिए ये बेहद दुखद और चिंता का विषय है। हम उसकी कड़ी भर्त्सना करते हैं। (BPSC Candidates Lathi Charge)
लाठीचार्ज की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि बिहार में लाठीचार्ज की घटना की निष्पक्ष और न्यायिक जांच हो और जो भी अधिकारी दोषी हों, उन पर कार्रवाई की जाए। BPSC का ऑडिट हो, क्योंकि इस संस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार में पलायन, रोजगार और शिक्षा की स्थिति बहुत ही अहम मुद्दा है। कांग्रेस पार्टी छात्र हितों के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी है। देश की राजनीति इतनी असहिष्णु और बेशर्म क्यों हो गई है? पिछली बार प्रशासनिक पदाधिकारी की जो परीक्षा हुई, उसके विरोध में जब अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे, तब कड़ाके की ठंड में उन पर वाटर कैनन छोड़ा गया, फिर लाठियां बरसाई गई थी। बिहार में अब पलटीमार सरकार नहीं है, बल्कि लाठीमार सरकार है। कोई भी मुद्दा हो, बेरहमी के साथ अभ्यथियों के साथ मारपीट की जाती है। (BPSC Candidates Lathi Charge)
सरकार सुनने को तैयार नहीं: कन्हैया
कन्हैया ने कहा कि वे सिर्फ इतनी मांग कर रहे हैं कि समय पर बहाली निकालिए और पारदर्शी तरीके से उस प्रकिया को पूरा करिए। बिहार के लोगों को बिहार में नौकरी नहीं मिलती। रोजगार नहीं मिलता। स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती- ये सुनने में बहुत बुरा लगता है। सरकार ने कोविड के दौरान जो आंकड़ा दिया था, उसके अनुसार 70 लाख लोगों ने पलायन किया था। बिहार में अभी भी ग्रेजुएशन 5 साल में होता है। प्रदेश में हर बहाली में गड़बड़ी होती है और यह सब सरकार की शह के बिना कैसे संभव है? BPSC छात्रों की मांग सुनती नहीं है। बिहार में TRE-3 का एग्जाम हुआ, रिजल्ट आया तो उसकी गड़बड़ी पर सवाल हुए। इसमें एक ही व्यक्ति का सिलेक्शन कई जगह हो गया। छात्रों ने सवाल किया कि एक व्यक्ति का कई जगह सिलेक्शन क्यों किया जा रहा है। उसके बदले मेरिट में आए लोगों को बहाली का मौका दिया जाए, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। (BPSC Candidates Lathi Charge)



