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शराब घोटाला केस में 6 अक्टूबर तक EOW रिमांड पर चैतन्य बघेल, हाईकोर्ट से भी याचिका खारिज

Chaitanya on EOW Remand: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने 6 अक्टूबर तक EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। चैतन्य बघेल को बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया था। ACB/EOW ने कोर्ट में उनकी रिमांड की मांग की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चैतन्य को कस्टोडियल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। बता दें कि ED ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर भिलाई निवास से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद चैतन्य जेल में ही है। EOW ने उन्हें प्रोडक्शन वारंट के आधार पर अपनी गिरफ्त में लिया और अब कोर्ट से रिमांड भी मिल गई है।

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चैतन्य बघेल ने EOW की संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने बुधवार को यह याचिका खारिज कर दी। इसके बाद अब EOW को खुलकर पूछताछ का मौका मिल गया है। ED और EOW की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई शराब सिंडिकेट के जरिए की गई। ED के मुताबिक चैतन्य बघेल को घोटाले से सीधे तौर पर 16.70 करोड़ रुपए मिले। यह रकम उन्होंने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश कर ब्लैक मनी को व्हाइट करने की कोशिश की। (Chaitanya on EOW Remand)

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आरोप है कि नकद भुगतान और फर्जी बैंक एंट्रियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। ED ने अपनी जांच में यह भी दावा किया है कि चैतन्य ने कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर फर्जी फ्लैट खरीद-फरोख्त दिखाकर 5 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इस मामले में अब तक पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, ITS अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी, पूर्व मंत्री और वर्तमान कोंटा विधायक कवासी लखमा, अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह ढिल्लों समेत कई बड़े नाम गिरफ्तार हो चुके हैं। (Chaitanya on EOW Remand)

बचाव पक्ष की दलील

चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ED तीन महीने और EOW दो महीने में जांच पूरी करें। अग्रिम जमानत खारिज होने के बावजूद सरकार को समय सीमा में विवेचना पूरी करनी होगी।  फिलहाल EOW चैतन्य बघेल से पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में घोटाले से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि 6 अक्टूबर तक की रिमांड अवधि के बाद अगली सुनवाई में आगे का निर्णय लिया जाएगा। (Chaitanya on EOW Remand)

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