जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा में गूंजे जनहित के मुद्दे, पेयजल संकट, लंबित भुगतान, किसानों की जमीन और पंचायत अधिकारों पर उठे सवाल!

आरंग | जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक में मंगलवार, 21 अप्रैल को जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए गए। बैठक में जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने जमीन आवंटन, पेयजल संकट, किसानों की समस्याएं और पंचायतों के लंबित कार्यों को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई।
पेयजल संकट पर जोरदार आवाज
जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने रीवा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सेंध जलाशय से लखौली तक लाई गई पाइपलाइन को रीवा तक विस्तार करने और चपरीद से भी जलापूर्ति सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभा में पारित कर शासन को भेजा गया।
पंचायतों की लंबित राशि पर सवाल
आरंग विकासखंड की 16 पंचायतों में आदिवासी विभाग द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि पिछले तीन वर्षों से लंबित होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान न होने से पंचायतों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
पीएम आवास और शौचालय भुगतान में देरी
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पिछले चार महीनों से भुगतान नहीं मिलने पर भी उन्होंने चिंता जताई। वहीं, स्वच्छता विभाग के तहत शौचालय निर्माण करने वाले लगभग 4000 हितग्राहियों को भी राशि नहीं मिलने को उन्होंने अन्याय बताया।
विकास कार्यों में बाधा
15वें वित्त आयोग की राशि पंचायतों को समय पर नहीं मिलने से गांवों में विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही गई। साथ ही पीएचई विभाग की अधूरी जल टंकियों को जल्द पूरा कर जल वितरण व्यवस्था सुधारने की मांग रखी गई।
किसानों और जमीन से जुड़े मुद्दे
भलेरा सोसाइटी में धान में पानी डालने के मामले में कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई गई। ग्राम पंचायत रसनी में बिना सहमति 56 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को देने को उन्होंने ग्रामीणों के अधिकारों का हनन बताया।
उद्योगों को लाभ, ग्रामीणों की अनदेखी
वतन चन्द्राकर ने आरोप लगाया कि समोदा बैराज से अडानी प्लांट तक पाइपलाइन के लिए किसानों की जमीन बिना मुआवजा खोदी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है, जबकि गांवों में आज भी पेयजल संकट बना हुआ है।
गबन मामले में सख्त कार्रवाई की मांग
पारागांव आरंग में सोसाइटी सेल्समैन द्वारा चावल गबन के मामले में केवल निलंबन पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने दोषी पर एफआईआर और वसूली की मांग की।



