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Chhattisgarh News: चायनीज मांझे का कहर: राजधानी रायपुर में 7 वर्षीय मासूम की मौत, कई घायल, प्रशासन पर सवाल

Chhattisgarh News :  छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार शाम रायपुर के पचपेड़ी नाका में चाइनीज मांझे की वजह से 7 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चा अपने पिता के साथ गार्डन घूमने जा रहा था, तभी अचानक उड़ता हुआ चाइनीज मांझा उसके गले में फंस गया। कुछ ही देर में बच्चा लहूलुहान हो गया।

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आसपास के लोगों ने मासूम को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां इलाज नहीं हो सका। इसके बाद उसे बच्चों के अस्पताल ले जाया गया, जहां स्टाफ ने इलाज से मना कर दिया। आखिरकार अंबेडकर अस्पताल में इलाज के दौरान रात 8 बजे उसकी मौत हो गई।

चाइनीज मांझे से अन्य घायल

रायपुर में इसी दिन देवेंद्रनगर में एक महिला वकील और बूढ़ापारा में एक युवक भी चाइनीज मांझे की वजह से गंभीर रूप से घायल हो गए।

भिलाई में चाइनीज मांझे का कहर

शनिवार सुबह भिलाई के सेक्टर 1 में सफाईकर्मी चैती बाई भी चाइनीज मांझे का शिकार हो गई। सफाई के दौरान एक पतंग का मांझा उसके ऊपर आ गया। मांझा निकालते वक्त पास से गुजरते एक बाइक सवार के कारण मांझा खींचा गया और चैती बाई का हाथ कट गया। बाइक सवार गिरने के बाद भी उसने मदद नहीं की और वहां से चला गया। अन्य सफाईकर्मियों ने चैती बाई को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया।

दिसंबर में भी चाइनीज मांझे ने ली जान

26 दिसंबर को भिलाई के हाउसिंग बोर्ड कोहका निवासी रामेश्वर बेले का गला चाइनीज मांझे से कट गया था। रामेश्वर अपनी पत्नी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे, तभी सुपेला लक्ष्मी मार्केट के पास उड़ता हुआ मांझा उनके गले में फंस गया। उनका इलाज स्पर्श अस्पताल में किया गया। (Chhattisgarh News)

प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद इसकी खुलेआम बिक्री और उपयोग ने प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर और भिलाई में लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों में भय और आक्रोश बढ़ा दिया है।

जनता की मांग: चाइनीज मांझे पर सख्त कार्रवाई

रायपुर और भिलाई के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इन हादसों से साबित होता है कि चाइनीज मांझा न केवल जानलेवा है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।

यह वक्त है कि प्रशासन जागरूकता अभियान चलाए और चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। (Chhattisgarh News)

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