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CM विष्णुदेव साय के विभागों के लिए 20 हजार करोड़ से ज्यादा की अनुदान मांगे पारित, मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

CM Sai Department: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों के लिए 19,643 करोड़ 78 लाख 42 हजार की अनुदान मांगें पारित की गई। CM साय ने कहा कि प्रदेशभर में चेक पोस्ट बंद होंगे। प्रदेश हाफ बिजली से फ्री बिजली देने की ओर बढ़ेगा। राज्य सरकार प्रधानमंत्री सौर ऊर्जा स्कीम में सब्सिडी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री की एक बहुत कल्याणकारी योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना है, जिसके तहत जो गरीब परिवार हैं उनके घर की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे उनकी बिजली निशुल्क हो जाएगी। हमारी सरकार का प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना के लिए 78 हजार की भारत सरकार की सब्सिडी और प्रदेश सरकार की सब्सिडी की मदद से सोलर पैनल लगाए जाएं। अगर इससे ज्यादा बिजली उत्पन्न होती है तो लोग सरकार को भी बिजली बेच सकते हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के अंत में कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की प्रगति और विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की ओर ले जाने वाला बजट है। हमने अपने अधीन सभी विभागों में जनकल्याण और विकास के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इसके लिए बीते साल की तुलना में इस साल ज्यादा राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब आपका मन सच्चा हो और संवेदनशीलता हो, तभी ऐसी योजनाएं बनती हैं जिनसे आम जनता के जीवन में वास्तविक बेहतरी आती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प दृढ़ है, इरादे बुलंद हैं और लक्ष्य स्पष्ट है। 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने हम निरंतर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। (CM Sai Department)

ई-ऑफिस के लिए बजट में 22 करोड़ 67 लाख

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सवा साल से लगातार छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार का पहला बजट ‘ज्ञान’ मतलब गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को समर्पित था। इस साल का बजट ‘ज्ञान के लिए गति’ पर आधारित है, जिसका अर्थ गुड गवर्नेंस, एक्सेलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ है। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की मूल जड़ मैनुअल फाइल प्रणाली को खत्म करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली आगामी 1 अप्रैल से लागू होगी। ई-ऑफिस के लिए बजट में 22 करोड़ 67 लाख रुपए का प्रावधान है। अब फाइलें कंप्यूटर पर चलेंगी और तय समय सीमा में उनका निपटारा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग के राजस्व में सुधार इस बात का उदाहरण है कि जो पैसा पिछली सरकार में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, वह अब जनकल्याण में लग रहा है। (CM Sai Department)

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