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छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती पर सियासत गरम, कांग्रेस का प्रदेशभर में भाजपा कार्यालयों का घेराव, कई जगह पुलिस से झूमाझटकी

Congress Protest Against Opium: छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के लगातार सामने आ रहे मामलों को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार को कई जिलों में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालयों का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी देखने को मिली। दरअसल, दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके बाद बलरामपुर जिले में भी दो अलग-अलग जगहों पर अफीम की खेती मिलने की खबर सामने आई, जिसके बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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सरगुजा में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े, जिसे रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति भी बनी। रायगढ़ में भी बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती की खबरें बेहद चिंताजनक हैं और यह सब भाजपा नेताओं के संरक्षण में हो रहा है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश को नशे के कारोबार की ओर धकेला जा रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर अंकुश लगाने में असफल साबित हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। कोंडागांव में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रवि घोष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। रवि घोष ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के संरक्षण में नशे की खेती हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल की जगह अब खेतों में अफीम उगाई जा रही है और सरकार ने प्रदेश को नशे का अड्डा बना दिया है।

दुर्ग में बैरिकेड तोड़ने की कोशिश

दुर्ग जिले में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। इस प्रदर्शन में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर और भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भाजपा कार्यालय के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी और तीन लेयर में बैरिकेडिंग लगाई गई थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस मौके पर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा नेता शराबबंदी को लेकर सवाल उठाते थे, लेकिन अब उनकी सरकार बनने के बाद शराब दुकानों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कवर्धा और कांकेर में भी विरोध प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को हमेशा शांति का टापू कहा जाता था, लेकिन अब यहां अफीम जैसी अवैध खेती पकड़ी जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि समोदा में पकड़ी गई अफीम खेती में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की भूमिका संदिग्ध है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कवर्धा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा से जुड़े लोग अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। (Congress Protest Against Opium)

वहीं कांकेर में भी कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और भाजपा कार्यालय के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के घेराव और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदेश में नशे के कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, अफीम की खेती की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। फिलहाल अफीम की खेती के मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद बनता जा रहा है।

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