छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती पर सियासत तेज, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, CM साय ने सभी जिलों में सर्वे के दिए निर्देश

Politics on Opium Cultivation: छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिस पर भाजपा ने पलटवार किया है। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में अवैध अफीम की खेती को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले में भाजपा से जुड़े एक नेता के अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। बघेल ने कहा कि प्रदेश में कई जगहों पर अफीम की खेती हो रही है और इसमें भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं।
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पूर्व CM ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने पहले कभी अफीम का डोडा तक नहीं देखा था, लेकिन अब नगरी और सिहावा क्षेत्र में भी अफीम की खेती होने की जानकारी मिल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के बजाय सौ गुना करने की रणनीति पर काम कर रही है और अफीम की खेती को एक तरह से नया स्टार्टअप बना दिया गया है। बघेल ने कहा कि मेक इन छत्तीसगढ़ के नाम पर राज्य को अफीम का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है और सरकार इसे अन्य फसलों की तरह देख रही है। (Politics on Opium Cultivation)
सरकार के संरक्षण में अफीम की खेती हो रही: बैज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा और सरकार के संरक्षण में अफीम की खेती हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता था, लेकिन अब भाजपा सरकार राज्य को अफीम का कटोरा बनाने की दिशा में काम कर रही है। वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों का कड़ा खंडन किया गया है। बलरामपुर जिले के भाजपा जिला उपाध्यक्ष आनंद जैसवाल ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अनावश्यक बयानबाजी कर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कुशमी विकासखंड में अफीम की खेती मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है और नशे के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। (Politics on Opium Cultivation)
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने किया पलटवार
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार में ऐसे मामले सामने आते ही कठोर कार्रवाई की जाती है और हाल ही में सामने आए अफीम मामले में भी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय नशे के कारोबार करने वालों को संरक्षण मिलता था और उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि शराब और अन्य नशे के कारोबार में कांग्रेस शासन के दौरान किस तरह की संलिप्तता रही, यह जनता ने देखा है। इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवैध अफीम की खेती पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र समेत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी हिस्से में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही सरकार: CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख की ओर से सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी जारी किया गया है। कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में होने वाले सभी अपराधों के खिलाफ हमारी सरकार ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है और सभी जिलों में मामलों की जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार को जनता ने बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन उस विश्वास के साथ विश्वासघात करते हुए प्रदेश को अपराध और भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया गया। इसी वजह से आज कांग्रेस नेताओं को किसी भी विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।



