छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर सदन में घमासान, गर्भगृह में नारेबाजी के बाद कांग्रेस विधायक निलंबित

Controversy over Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान धान खरीदी के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। शून्यकाल में विपक्ष ने धान खरीदी में कथित अनियमितताओं और किसानों को हुई परेशानी को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि धान खरीदी के दौरान किसानों को चोर की तरह देखा गया और उन्हें अनावश्यक जांच के नाम पर परेशान किया गया, जिससे अन्नदाताओं का अपमान हुआ। उन्होंने कहा कि जितना लक्ष्य तय किया गया था, उससे कम धान खरीदने के लिए किसानों को पहले दिन से ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग की, लेकिन आसंदी ने बजट सत्र का हवाला देते हुए इसे अग्राह्य कर दिया। इसके बाद सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई। चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस साल धान का रकबा घटा है, कई किसानों से धान की खरीदी नहीं हुई और उन पर कर्ज का बोझ बाकी है। बघेल ने यह भी सवाल उठाया कि किसानों के खेत-खलिहान में अधिकारी किस अधिकार से बिना पूर्व सूचना के जांच के लिए पहुंचे। (Controversy over Paddy Procurement)

किसानों का ऋण माफ किया जाए: विधायक पटेल
उन्होंने कहा कि उनके खुद के खेत-खलिहान में भी अधिकारी पहुंचे, जो किसानों का अपमान है। बघेल ने कहा कि पूरा विपक्ष किसानों के मुद्दे पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी बात रख रहा है। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पंजीकृत किसानों से धान नहीं खरीदा गया, जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेकर धान की खेती की, उनसे खरीदी नहीं होने के कारण उन्हें साढ़े छह करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान मिलना था। उन्होंने मांग की कि या तो ऐसे किसानों से धान खरीदा जाए या उनका ऋण माफ किया जाए। (Controversy over Paddy Procurement)
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा संभव नहीं: आसंदी
इस सबके बीच आसंदी ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र के चलते स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा संभव नहीं है और इसे अग्राह्य कर दिया गया। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने गर्भगृह में प्रवेश कर जोरदार नारेबाजी की। सदन की परंपरा के मुताबिक गर्भगृह में प्रवेश करने वाले विधायकों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए। धान खरीदी के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के साथ सदन की कार्यवाही प्रभावित रही।



